राजनीतिक विवादों के बीच केंद्र सरकार जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी करने को राजी हो गई है। मगर आंकड़े सार्वजनिक होने की समय सीमा को लेकर संशय अब भी बरकरार है।
इस मामले पर सरकार ने स्पष्ट कहा है कि राज्यों से रिपोर्ट आने के बाद ही इसे एकत्रित कर सार्वजनिक किया जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उन्हें राज्यों से आने वाली रिपोर्ट का इंतजार है। केंद्र सरकार जातिगत जनगणना के आंकड़ों को इसके बाद जारी करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सरकार ने जातीय जनगणना की रिपोर्ट को जारी करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए अरुण जेटली ने कहा कि सरकार जातिगत जनगणना के आंकड़े को जारी करेगी।
जातियों का ब्योरा विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों को भेज दिया गया है। अब राज्यों को जाति की रिपोर्ट देनी है। राज्यों को जल्द रिपोर्ट देना चाहिए। उनसे इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। जेटली ने कहा कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में बनने वाली एक समिति रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा कि यह समिति राज्यों से भी आग्रह करेगी कि वे अपनी रिपोर्ट शीघ्र भेजें।