सरकारी अस्पतालों की नौकरी को तौबा कर निजी क्षेत्र की ओर कूच कर रहे युवाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का सहारा लेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है।
नई नीति के जरिये सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में कुशल डॉक्टर, नर्स और तकनीकी जानकारों को रोकने की कोशिश की जाएगी। वहीं मेडिकल कॉलेजों और उनमें सीटों की संख्या बढ़ाने और देश के प्रत्येक व्यक्ति को आसानी से स्वास्थ्य सुविधा दिलाने की भी पेशकश होगी।
स्क्रीनिंग कमेटी ने पिछले हफ्ते नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का मसौदा स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को सौंप दिया।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री की हरी झंडी मिलने के बाद मसौदे को एक जनवरी को मंत्रालय की वेबसाइट पर डाला जाएगा, जिससे कि जनता, राज्य सरकारों और विशेषज्ञों की सलाह ली जा सके। इसके बाद इसे कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा।