विधानसभा चुनावों के दौर में गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी कांग्रेस और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला बोलने का मौका नहीं चूक रहे।
लेकिन हर भाषण में वह ऐसी कोई न कोई गलती कर बैठते हैं, जो विरोधियों को उन पर हमला बोलने का रास्ता दे देती है। रविवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ है।
वह स्वतंत्रता सेनानी श्यामाजी कृष्णा वर्मा का जिक्र कर रहे थे, लेकिन गलती से उनके बजाय श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम ले बैठे। मोदी स्वतंत्रता सेनानियों को नजरअंदाज करने को लेकर कांग्रेस पर हमला बोल रहे थे।
भाजपा के पीएम पद के दावेदार ने कहा, "भारतीय इतिहास के साथ कौन खेल रहा है? श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक क्रांतिकारी थे। उनका देहांत 1930 में लंदन में हुआ। उनकी आखिरी ख्वाहिश थी कि उनकी अस्थियां आजादी के बाद भारत लाया जाए।"
मोदी ने कहा, "जवाहरलाल नेहरू को अस्थियां लाने के लिए किसी को भेजना चाहिए था। कांग्रेस सरकार इसे 2003 तक वापस नहीं ला सकी। मैं 2003 में इन्हें वहां से लाया था।"
गलती का अहसास होते ही गुजरात के मुख्यमंत्री ने बाद में इस टिप्पणी पर माफी मांगी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी, जो बाद में भाजपा बनी। उनका निधन 23 जून, 1953 को हुआ था।
लेकिन गलती की माफी मांगने के बावजूद सोशल नेटवर्किंग साइट पर मोदी की आलोचना का दौर शुरू हो गया। इससे पहले भी वह अपने भाषणों को लेकर घिर चुके हैं।