प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘स्वच्छ भारत मिशन’ पर अब उनकी पैनी नजर रहेगी। शहरी विकास मंत्रालय पीएमओ के लिए इसकी व्यवस्था करने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रबंध सूचना पद्धति (एमआईएस) तैयार किया जाएगा। इसके जरिए पीएमओ स्वच्छता मिशन पर बारीकी से निगरानी रख सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक शहरी विकास मंत्रालय सचिव शंकर अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने मिशन की रिपोर्टिंग और इस पर निगरानी के लिए आईटी आधारित व्यवस्था करने का निर्देश अधिकारियों को दिया ताकि 24 घंटे इस्तेमाल करने में आसान एमआईएस को जल्द तैयार किया जा सके।
इस पद्धति से जिला और वार्ड स्तर का भी मुआयना आसानी से किया जा सकेगा। वहीं स्वच्छता मिशन से जुड़े प्रस्तावों को ऑनलाइन पेश करने, मंजूरी और पर्याप्त फंड की व्यवस्था भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि एमआईएस के जरिए कुल 4041 निगमों, नगर पालिकाओं, कस्बों मे चलाए जा रहे स्वच्छता मिशन अभियान पर नजर रखी जा सकेगी।
दूसरी ओर एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के मुताबिक अब शहरी स्थानीय निकायों के प्रस्तावों को सीधे मंत्रालय भेजने को कहा जाएगा। इससे प्रस्ताव को मंजूरी मिलने में समय की बचत हो सकेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले हफ्ते 67 हजार करोड़ रुपये के राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के दिशानिर्देश को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मंत्रालय का मानना है कि यह मिशन प्रधानमंत्री के दिल के करीब है, इसलिए देश भर में इस पर नियमित सूचनाओं का आदान प्रदान, कार्य प्रगति और निर्माण संबंधी जानकारी ऑनलाइन होनी चाहिए। इसके अलावा शौचालय निर्माण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सामान्य गतिविधियों को लेकर जागरूकता और लोगों के बर्ताव में परिवर्तन संबंधी जानकारी भी पीएमओ तक नियमित रूप से पहुंचनी चाहिए।