फर्जी मुठभेड़ मामलों में पहले से उलझे भाजपा के महासचिव अमित शाह फिर से नए विवाद में घिर गए हैं। इस बार उन पर अपने ‘साहेब’ के लिए बंगलूरू की एक आर्किटेक्ट युवती की जासूसी कराने का आरोप लगा है।
खोजी पत्रकारिता से जुड़े कोबरापोस्ट डॉटकॉम और गुलेल के दावों के मुताबिक शाह ने ‘साहेब’ की इच्छा से उस युवती और उसके रिश्तेदारों का न केवल फोन सर्विलांस पर लगवाया, बल्कि एटीएस, सीआईडी और क्राइम ब्रांच की सहायता से उस युवती की वर्ष 2009 में पल-पल की जानकारी हासिल की।
प्रेस क्लब में तत्कालीन एटीएस एसपी जीएल सिंघल और शाह की बातचीत का कथित ऑडियो जारी करते हुए दावा किया गया है कि ऐसी 267 ऑडियो क्लिपिंग्स सीबीआई को सौंपी गई हैं।
कोबरापोस्ट डॉटकॉम और गुलेल ने दावा किया है कि उसके पास लड़की की जासूसी कराने संबंधी सिंघल की सीबीआई के समक्ष की गई स्वीकारोक्ति वाले तीन-तीन बयानों की कॉपी मौजूद है।
प्रेस कांफ्रेंस में पूरी बातचीत सुनाने के अलावा बयानों की कॉपी को प्रोजेक्टर पर दिखाया गया। हालांकि जासूसी के उद्देश्य और ‘साहेब’ की पहचान जाहिर नहीं की गई। यह जरूर कहा गया कि सबको पता है कि अमित शाह के साहेब कौन हो सकते हैं।
कोबरापोस्ट डॉट कॉम के प्रमुख और वरिष्ठ पत्रकार अनिरुद्ध बहल ने इस तरह की जासूसी को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि नियमानुसार इस तरह की प्रक्रिया गृह सचिव की देखरेख में चलती है। मगर इस मामले में गुजरात सरकार के तत्कालीन गृह राज्यमंत्री निजी स्तर पर पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बातचीत को खुद सिंघल ने टेप किया और खुद ही सीबीआई के सुपुर्द किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और आरटीआई कार्यकर्ता अरुणा राय ने इसे टेलीग्राफ एक्ट का खुला उल्लंघन बताने के साथ ही युवती की निजता पर हमला बताया है।
मीडिया को सुनाई गई बातचीत में शाह सिंघल को साहेब की इच्छा के अनुरूप युवती के बारे में पल-पल जानकारी देने को कहते हैं। इस दौरान युवती, उससे मिलने वाले लोगों और रिश्तेदारों के फोन सर्विलांस पर रख कर सिंघल शाह को युवती की बातचीत का भी ब्यौरा देते हैं। वह कब कहां गई, कहां रुकी इसकी जानकारी हासिल करने के लिए सिंघल ने सीआईडी, एटीएस और क्राइम ब्रांच के कर्मियों का उपयोग किया।
शाह को युवती के सिनेमा देखने जाने, होटल में रुकने, किसी लड़के से मिलने और यहां तक कि अस्पताल में अपनी मां से मिलने तक की जानकारी दी गई।
युवती के पिता ने खारिज किए आरोप
कोबरापोस्ट और गुलेल ने जिस युवती की जासूसी कराने के आरोप अमित शाह पर लगाए हैं, उस युवती के पिता ने ही सामने आकर इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
पिता ने एक बयान जारी कर कहा है कि उनकी बेटी बंगलूरू में रहती थी, लेकिन उसे कुछ दिनों के लिए अपनी मां की सर्जरी कराने के लिए अहमदाबाद आना पड़ा था। बेटी को होटल से अस्पताल आना जाना पड़ता था, इसे लेकर मुझे उसकी चिंता रहती थी। इसलिए मैंने खुद ही नरेंद्र मोदी से मेरी बेटी का ख्याल रखने के लिए कहा था। हमारे मोदी के साथ पुराने पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने निहित स्वार्थ के लिए इस मामले को मीडिया में उछालना दुर्भाग्यपूर्ण है।