भाजपा के ‘पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी रविवार को सार्वजनिक रूप से एक साथ नजर आए।
यह नजारा भाजपा से निष्कासित राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी के घर दिखा। मोदी और आडवाणी दोनों ही जेठमलानी को 90वें जन्मदिन की बधाई देने उनके आवास पर पहुंचे थे।
इस दौरान मोदी ने आडवाणी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। दोनों के बीच गर्मजोशी दिखी लेकिन उनके बीच ज्यादा बातचीत नहीं हुई।
जेठमलानी के एक ओर मोदी और दूसरी ओर आडवाणी बैठे हुए थे। दोनों नेता करीब 20 मिनट तक एक साथ रहे।
मोदी की ताजपोशी को लेकर आडवाणी नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि 13 सितंबर को पीएम उम्मीदवारी के ऐलान के बाद मोदी ने आडवाणी के घर जाकर मुलाकात की थी।
हालांकि यह पहला मौका है जब दोनों एक साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए।
इससे पहले नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने संबंधी ऐलान को भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने जनहित में लिया गया निर्णय करार दिया है।
उन्होंने दावा किया कि यह फैसला भाजपा को केंद्र की सत्ता तक पहुंचाएगा और इस फैसले से नाराज चल रहे लालकृष्ण आडवाणी भी अंतत: इसका समर्थन करेंगे।
हालांकि राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने स्वीकार किया कि इस मामले में पार्टी में दो वैकल्पिक विचार थे, मगर पार्टी के संसदीय बोर्ड ने जनहित और कार्यकर्ताओं की इच्छा को ध्यान रखते हुए बहुमत के आधार पर यह निर्णय लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस समय पार्टी का सारा ध्यान आगामी लोकसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतने पर है। इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे कि सीटें कम होने पर कौन पार्टी के साथ आएगा और कौन नहीं।