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मोबाइल और बोल्ड कपड़ों से बढ़ रहे हैं रेप: यूपी पुलिस

Thu, 30 Oct 2014 08:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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प्रदेश में बढ़ते रेप के मामलों को लेकर यूपी पुलिस ने एक अजीब तर्क दिया है। प्रदेश में बढ़ते अपराधों और कानून व्यवस्था पर दिन प्रति दिन पुलिस की पकड़ कमजोर होती जा रही है। लेकिन पुलिस बढ़ते अपराधों को लेकर नए-नए तर्क दे रही है।
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प्रदेश में बढ़ते रेप मामलों पर यूपी पुलिस ने कहा है कि रेप की बढ़ती घटनाओं के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल और महिलाओं के अश्लील पहनावे जैसी कई चीजें जिम्मेदार हैं।

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी पुलिस ने ऐसी बात किसी सर्वे या स्टडी के आधार पर नहीं कही बल्कि यह एक आरटीआई के जवाब में कहा है।

प्रदेश में बढ़ते रेप के मामलों को लेकर मेरठ के एक आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से मांगी गई सूचना में यूपी पुलिस के डीजीपी ऑफिस ने ये जवाब दिया है।

डीजीपी ऑफिस ने क्या दिया है तर्क?

मेरठ निवासी, आरटीआई कार्यर्ता लोकेश खुराना ने यूपी पुलिस से आरटीआई के तहत आवेदन देकर पूछा था कि प्रदेश में रेप की घटनाएं बढ़ने के पीछे कारण क्या हो सकता है?

इसके जवाब में डीजीपी ऑफिस ने कहा कि पश्चिमी सभ्यता के दुष्प्रभाव से महिलाओं में गलत कपड़े पहनने का चलन बढ़ा है। प्रदेश में रेप के मामले या अन्य तरह के अपराधों के बढ़ने का यही प्रमुख कारण है।

लोकेश खुराना ने आवेदन के माध्यम से पूछा था कि प्रदेश में हुए रेप की वारदातों का जिलेवार ब्यौरा दिया जाए। उनके इस सवाल के जवाब में थानों के माध्यम से रेप में संलिप्त अपराधियों की सूची मंगाई गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर थानों से यह टिप्‍णी की गई है कि रेप की घटनाएं बढ़ना एक सामाजिक समस्या है और इसके लिए समाज में होने वाले बदलाव ही जिम्मेदार है। इतना ही नहीं कुछ और चीजों को भी पुलिस ने रेप के लिए जिम्मेदार माना है।
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किस थाने से क्या मिला जवाब?

मुरादाबाद के पकबारा थाने से जवाब दिया गया है कि टीवी में चलने वाले अश्लील विज्ञापन रेप को बढ़ावा दे रहे हैं।

वहीं फिरोजाबाद नांगल खांगर थाना और इटावा के बरत्साना थाने का मानना है कि महिलाओं की ऐसी ड्रेस जो पुरुषों को आकर्षित करती है, लोगों में गलत भावना पैदा करती है जो रेप का एक कारण हो सकता है।

जबकि सबसे अलग तर्क इटावा थाने से मिला है जिसमें कहा गया है कि लड़के और लड़कियों ज्यादा मिलने-जुलने से रेप को बढ़ावा मिल रहा है।

सभी थानों से मोबाइल के संबंध में यह कहा गया है कि अभी तक रेप का मोबाइल से सीधे कोई संबंध नहीं है लेकिन मोबाइल का बढ़ता दुररुपयोग जरूर रेप को बढ़ावा दे रहा है।
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