आदमखोर बाघिन से पूरा इलाका दहशत में है और अब तक करीब दस लोगों को वो अपना शिकार बना चुकी है। ऐसे में इलाके के एक नेताजी अपना कामकाज छोड़कर बाघिन को मारने निकले हैं।
बिजनौर के बढ़ापुर से बसपा विधायक मो. गाजी ने पिछले दिनों मुरादाबाद और उसके आसपास के इलाकों में 10 लोगों को अपना शिकार बना चुकी बाघिन को मारने के बंदूक उठा ली है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिसंबर में उत्तराखंड के जिम कार्बेट नेशनल पार्क से एक नरभक्षी बाघिन चोरी-छिपे बाहर आ गई थी। उसके बाद से अब तक उसने करीब 250 किमी के दायरे में 10 लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। मुरादाबाद सहित इसके आसपास के इलाकों में बाघिन की खोज के लिए प्रशासन ने सर्च अभियान भी चलाया था।
बंदूक उठाने के लिए क्यों हुए मजबूर?
इलाके के विधायक मोहम्मद गाजी ने बताया कि बाघिन ने उनके क्षेत्र से ही छह लोगों को अपना शिकार बनाया है। इलाके के लोगों ने उनसे इस मामले में मदद की मांग की थी तो बजाए प्रशासन पर निर्भर रहने के उन्होंने खुद ही बाघिन को खोजने का फैसला किया।
पिछले कुछ दिनों से वो ग्रामीणों के साथ में राइफल लेकर साहूवाला के जंगलों में बाघिन की तलाश कर रहे हैं। वहीं वन विभाग बिगडैल बाघिन और एमएलए के बीच खुद को असहाय सा महसूस कर रहा है। जंगल में प्रतिबंधित क्षेत्र के साथ ही हथियारबंद लोगों के प्रवेश पर बैन है।
बाघिन का खात्मा ही उनका लक्ष्य
जिला वन अधिकारी परवीन सिंह ने बताया कि हमने विधायक मो. गाजी से जंगल के प्रतिबंधित क्षेत्र में हथियारों के साथ नहीं जाने की अपील की है। बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग ने भी तैयारी की है। शार्प शूटर्स को हायर किए जाने के साथ ही बाघिन को पकड़ने के लिए जाल भी बिछाया गया है। लेकिन विधायक गाजी बिना बाघिन को मारे लौटने के मूड में नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं, लेकिन बिना बाघिन को मारे मैं यहां से वापस नहीं जाऊंगा। वहीं जब उनसे पूछा गया कि वो एक पेशेवर शिकारी नहीं हैं और ना ही उन्हें सरकार की ओर से बाघिन को मारने की अनुमति मिली है।
इस पर उन्होंने कहा कि वो नैनीताल में हुई नेशनल राइफल शूटिंग प्रतियोगिता में पदक जीत चुके हैं। अगर मैं बाघिन को मारने में सफल हो गया तो जनता की सेवा के लिए इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता।