मोदी सरकार की आपत्तियों के बावजूद पाकिस्तान कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से मुलाकात करने से बाज नहीं आ रहा है। कश्मीरी अलगाववादी गुट हुर्रियत कांफ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारुक ने रविवार रात पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित से मुलाकात की। माना जा रहा है कि मीरवाइज ने हाल ही में भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों के बीच हुई बातचीत पर इस्लामाबाद का रुख जाना। साथ ही उन्होंने कश्मीर की जमीनी हकीकत से बासित को अवगत कराया। पिछले साल अगस्त में पाक उच्चायुक्त के कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से मुलाकात से नाराज भारत ने विदेश सचिव स्तरीय वार्ता रद्द कर दी थी।
श्रीनगर से दिल्ली पहुंचने के बाद मीरवाइज ने कहा कि यदि आप कश्मीर में हिंसा खत्म करना चाहते हैं तो यह समझना महत्वपूर्ण है कि इसका सैन्य समाधान नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा के जरिए इसका समाधान नहीं निकल सकता है। उनका कहना है कि इसके समकक्ष हमें राजनीतिक प्रक्रिया की भी जरूरत है ताकि हम इसके समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकें।
हुर्रियत का मानना है कि कश्मीर एक राजनीतिक समस्या है, यह कुशासन या सुशासन की समस्या नहीं है। मीरवाइज का कहना है कि यह एक क्षेत्रीय विवाद नहीं है। यह जनता का मामला है। पहले इसके समाधान के दिशा में कुछ आगे बढ़ने दीजिए, कुछ राजनीतिक पहल होने दीजिए। हम इस प्रक्रिया का समर्थन करने को तैयार हैं।