दिल्ली गैंगरेप के पहले फैसले पर पीड़िता के परिवार ने निराशा जताई है।
पुलिस की जांच के मुताबिक, 16 दिसंबर की रात पैरामेडिकल छात्रा से रेप में नाबालिग आरोपी की क्रूरतम भूमिका रही। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने उसे महज तीन साल की सजा दी, जिस पर पीड़िता की मां ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
दिल्ली गैंगरेप: जनाक्रोश इतना और सजा इतनी कम
क्या थी नाबालिग की भूमिका
16 दिसंबर की रात मुनीरिका बस स्टॉप पर पीड़िता और उसके दोस्त को बस पर बैठने के लिए नाबालिग आरोपी ने ही बुलाया था।
पुलिस की मानें तो बस में पीड़िता के बलात्कार और टॉर्चर में वही सबसे आगे रहा।
दिल्ली गैंगरेप: नाबालिग आरोपी को 3 साल की सजा
इलाज के दौरान संक्रमण के कारण पीड़िता की आंत हटा दी गई थी। पीड़िता के नाजुक अंग में ऑयरन रॉड डाले जाने से ये सक्रमण फैला था। पुलिस की जांच के मुताबिक, ये रॉड नाबालिग आरोपी ने ही डाली थी।
क्या हुआ था वारदात की रात
16 दिसंबर की रात 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा और उसका मित्र एक मॉल में फिल्म देखने के बाद मुनीरिका बस स्टैंड से बस पकड़ी थी। उस बस में पहले से मौजूद छह हैवानों ने युवती के साथ गैंगरेप किया और उसे गंभीर चोट पहुंचाईं।
'जब तीन साल की सजा देनी थी तो पहले ही दे देते'
उन्होंने साथी युवक को भी पीटा और बाद में दोनों को चलती बस से सड़क पर फेंक दिया। बाद में युवती की इलाज के दौरान सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी।