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दरिंदे दोषी करार, अब या तो उम्रकैद या फांसी

Tue, 10 Sep 2013 03:50 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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पिछले साल दिसंबर में फिजियोथेरेपी स्टूडेंट से गैंगरेप और मौत के मामले में दिल्ली की अदालत ने मंगलवार को सभी चार आरोपियों को दोषी करार दिया।
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इस घटना की वजह से देश भर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे और महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध जैसी गंभीर समस्या को उठाया गया।

सरकार भी बलात्कार के मामलों में ज्यादा सख्त कानून लाने पर मजबूर हुई।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने खचाखच भरी अदालत में कहा कि अभियोजन पक्ष ने जो गवाह और सबूत सामने रखे, उसके बाद इस बात में कोई संदेह नहीं बचा कि मुकेश, विनय कुमार, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता 16 दिसंबर को बस में 23 वर्षीय युवती से ज्यादती की और उस पर हमला किया।

सभी धाराओं के तहत दोषी करार
आरोपियों को गैंगरेप, हत्या, हत्या की कोशिश, अप्राकृतिक यौन शोषण, सबूत मिटाने, डकैती और कई अन्य अपराधों का दोषी ठहराया गया है।

अदालत का कहना है कि पीड़िता के बयान, अभियोजन पक्ष की ओर से पेश 85 गवाह, डीएनए, फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से यह साफ होता है कि आरोपी, दोषी हैं।

अदालत बुधवार सवेरे इस मामले में सजा सुनाएगी और सजा पर बहस सवेरे 11 बजे शुरू होनी है। अभियोजन पक्ष के सूत्रों के मुताबिक वे सभी दोषियों के लिए सजा-ए-मौत की मांग करेंगे, क्योंकि यह अपराध 'रेयरस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में आता है।
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देश में अदालतें केवल 'रेयरस्ट ऑफ रेयर'मामलों में फांसी की सजा देती हैं।

दोनों के साथ की थी हैवानियत
पीड़िता ने मरते वक्त बयान दिया था कि आरोपी ने बलात्कार के दौरान उसके शरीर में लोहे की छड़ घुसाई, आंतरिक अंग निकाले, उसे मारा और काटा।

एक नाबालिग आरोपी को पहले ही तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया था, जबकि पांचवां बालिग आरोपी और बस का ड्राइवर राम सिंह तिहाड़ में मर गया था।

पीड़िता और उसका दोस्त दक्षिणी दिल्ली के एक मॉल में फिल्म देखने के बाद घर लौट रहे थे, जब एक बस में चढ़े। बस में छह लोगों ने उनके साथ 45 मिनट तक ज्यादती की।

पिता ने मांगी मौत
युवती से सामूहिक बलात्कार और दोस्त की बेरहमी से पिटाई के बाद उन दोनों को फेंक दिया गया। वे लोग सर्द रात में काफी देर तक बिना कपड़ों के बेहोश पड़े थे।
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कुछ दिनों बाद 29 दिसंबर को युवती ने सिंगापुर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। फैसले के बाद पीड़िता के पिता ने कहा, "हम आरोपियों को दोषी ठहराए जाने से खुश हैं। अब उम्मीद करते हैं कि उन सभी को फांसी होगी।"
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