दिल्ली के बहुचर्चित वसंत विहार गैंगरेप मामले में शनिवार को पहला फैसला आ गया। जुवेनाइल कोर्ट ने दिल्ली गैंगरेप केस में नाबालिग अभियुक्त को दोषी करार दिया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में नाबालिग अभियुक्त को हत्या और बलात्कार का दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा सुनाई।
इससे पहले इसी नाबालिग अभियुक्त को लूटपाट के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।
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वहीं, गैंगरेप पीड़िता की मां ने कोर्ट के फैसले पर अंसतोष जताया है। पीड़िता की मां ने अभियुक्त के खिलाफ फांसी की मांग की है।
पीड़िता की मां ने कहा, "हम आरोपी के बारे में बालिग या नाबालिग की बहस में नहीं पड़ना चाहते। हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए। जिस तरह अन्य चारों आरोपियों के लिए फांसी की मांग की गई है, उसी तरह उसे (नाबालिग आरोपी) भी फांसी मिलनी चाहिए।
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दोषी ठहराया गया युवक बलात्कार की घटना के समय 17 साल का था और उसे नाबालिग मानकर ही मुकदमा चलाया गया था।
गैंगरेप मामले में नाबालिग आरोपी के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रमुख दंडाधिकारी गीतांजलि गोयल के समक्ष सुनवाई चल रही थी। बोर्ड ने 5 जुलाई 2013 को बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।
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इसके बाद किसी न किसी तरह फैसला टलता रहा। इसी बीच जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नाबालिग की आयु के संबंध में सवाल उठाए।
सुप्रीम कोर्ट में स्वामी की याचिका लंबित होने के कारण फैसला फिर टल गया। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाने को हरी झंडी दे दी थी।
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मामला 16 दिसंबर 2012 को वसंत विहार इलाके में गैंगरेप, हत्या, लूटपाट व मारपीट से जुड़ा है। नाबालिग समेत छह लोगों पर चलती बस में 23 वर्षीय युवती के साथ गैंगरेप के बाद उसके मित्र से मारपीट व लूटपाट का आरोप है।