सुबह से ही टीवी चैनलों पर चल रही बिहार के शहीद सैनिकों के शव को लेने राज्य सरकार के किसी मंत्री के नहीं जाने की खबर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बेहद आहत थे। जबकि उनके मुताबिक संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री शहीदों की अंत्येष्टि में शामिल हुए।
लेकिन उनके ग्रामीण विकास मंत्री भीम सिंह के उस विवादित बयान ने कि पुलिस और सेना में लोग शहादत के लिए ही जाते हैं, नीतीश का पारा चढ़ा दिया।
नाराज नीतीश ने दिल्ली से फोन पर मंत्री को जमकर नसीहत दी और खेद व्यक्त करने को कहा। खेद व्यक्त करने में मंत्री भीम सिंह अगर जरा भी हीला हवाली करते तो बर्खास्त भी हो सकते थे।
सुबह से ही टीवी चैनलों पर यह खबर चल रही थी कि शहादत का सम्मान करना भूले नीतीश।
दिल्ली के चाणक्य पुरी स्थित बिहार निवास के मुख्यमंत्री कक्ष में टीवी पर यह खबरें देख रहे नीतीश की पीड़ा थी कि उन्होंने वह सब किया जो राज्य सरकार को शहीद सैनिकों के सम्मान के लिए किया जाना चाहिए था।
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पहले से तय वक्त के मुताबिक नीतीश का साक्षात्कार लेने गए अमर उजाला प्रतिनिधि से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस दिन घटना हुई उसी दिन उन्होंने बिहार के शहीद सैनिकों के परिवार को दस लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और शहीदों की राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि करने का ऐलान कर दिया। अगली सुबह वह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम की वजह से दिल्ली आ गए।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार हवाई अड्डे पर शहीद सैनिकों के शवों के आने के समय राज्य के कैबिनेट सचिव, मंडलायुक्त और प्रोटोकॉल अधिकारी समेत प्रशासन के सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।
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इसके बाद शहीद सैनिकों की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए भोजपुर के प्रभारी मंत्री श्याम रजक, पटना की प्रभारी मंत्री रेणु कुशवाहा, छपरा के प्रभारी मंत्री अवधेश कुशवाहा और नरेंद्र सिंह को भेजा गया।
नीतीश कुमार ने यह सारी जानकारी जनता दल(यू) के प्रधान महासचिव और प्रवक्ता सांसद के.सी.त्यागी को देते हुए कहा कि वह टीवी चैनलों को इन तथ्यों से तत्काल अवगत कराएं, जिससे सही खबर आ सके।
यह बात अभी हो ही रही थी तभी टीवी चैनलों ने मंत्री भीम सिंह का विवादित बयान प्रसारित करना शुरु कर दिया। पहले से ही आहत नीतीश और दुखी हो गए।
उन्होंने बिहार निवास से फौरन भीम सिंह को फोन लगाया। फोन पर उन्हें जमकर नसीहत दी और कहा कि वह फौरन इस गलती का परिमार्जन करें और खेद प्रकट करें।
इसके बाद नीतीश ने कहा कि वह इन संवेदनशील मामलों को लेकर बेहद गंभीर हैं। ऐसे गंभीर मामलों में किसी की भी गलती को अनदेखा नहीं करेंगे। जरूरी हुआ तो कार्रवाई भी कर सकते हैं।