नगालैंड में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में सुरक्षा बलों के आठ जवान शहीद हो गए। इनमें असम राइफल्स के सात और प्रादेशिक सेना का एक जवान शामिल है।
हमले में छह जवान घायल भी हुए हैं। चार अन्य जवान लापता बताए गए हैं। यह हमला रविवार दोपहर 2.30 बजे मोन जिले में हुआ।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, असम राइफल की 23वीं बटालियन के 18 जवानों का एक समूह चांगलांगशू गांव के पास एक धारा से पानी लेने के बाद ट्रक से लौट रहा था। रास्ते में घात लगाकर बैठे उग्रवादियों ने उन पर हमला कर दिया। हमले का संदेह एनएससीएन (के) उग्रवादियों पर है।
अचानक हुए इस हमले में तीन जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके तुरंत बाद घटनास्थल पर अतिरिक्त सैन्य बलों भेजा गया। उग्रवादियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई गोलीबारी होने की भी खबर है। अभी तक प्राप्त सूचना के अनुसार, प्रादेशिक सेना के एक जवान समेत कुल आठ सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। जवाबी कार्रवाई में एक उग्रवादी भी मारा गया है।
एक सूत्र के अनुसार, असम राइफल्स के आईजी (एन) ने घटना की कोर्ट ऑफ इनक्वायरी के आदेश दिए हैं। एनएससीएन (के) द्वारा सुरक्षा बलों पर एक महीने के भीतर किया गया यह दूसरा हमला है। अप्रैल में सरकार ने इस उग्रवादी संगठन के साथ 15 साल से चला आ रहा संघर्ष विराम समझौता खत्म कर दिया था।
इससे पहले, अरुणाचल प्रदेश के तिराप जिले में सेना के एक काफिले पर एनएससीएन (के) द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में तीन जवान मारे गए थे जबकि तीन अन्य घायल हो गए थे। गत शनिवार को तमेंगलोंग जिले में नुंगबा थाने के तहत आने वाले कामलेंगचिंग गांव में सेना के साथ हुई मुठभेड़ में एनएससीएन (के) के चार उग्रवादी मारे गए थे।