‘चालीस की उम्र पार कर चुकी महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने और महिला सशक्तीकरण अभियान को मजबूती प्रदान करने के इरादे से छह हजार किलोमीटर की दौड़ लगा रही हूं। इस मिशन के सफल होते ही मेरा नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो जाएगा...।’ यह कहना है 47 साल की धाविका मिशेल काकड़े का।
युवाओं से हौसला रखने वाली मिशेल पुणे की रहने वाली हैं। 2317 किलोमीटर का अभियान पूरा कर वह रविवार को काशी पहुंचीं। कैंट स्थित एक होटल में ‘अमर उजाला’ से उन्होंने अब तक के अपने अभियान के अनुभव साझा किए।
दो बच्चों निखिल और निस्का की मां मिशेल ने बताया कि बीते साल 21 अक्तूबर को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से उन्होंने अपना सफर शुरू किया। वह दिल्ली से कानपुर, इलाहाबाद होते हुए वाराणसी पहुंची हैं। यहां से कोलकाता और उसके बाद चेन्नई रवाना होंगी।