देश में साल दर साल किशोर अपराधियों की तादाद बढ़ती जा रही है। साल 2012 में हुए निर्भया कांड से अब तक किशोर अपराधियों की संख्या में आठ हजार तक का इजाफा हुआ है।
नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक आईपीसी और स्पेशल लोकल लॉ के तहत 2012 में 39822 किशोर अपराध करते पकड़े गए। इनकी संख्या 2013 में बढ़कर 43506 और 2014 में 48230 दर्ज की गई।
आशंका जताई जा रही है कि 2015 के आंकड़े इनसे कहीं अधिक होंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने किशोर अपराधियों की बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि किशोर न्याय अधिनियम विधेयक को यथाशीघ्र राज्यसभा से पास होना चाहिए।