महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। बीजेपी की विधायक दल की बैठक देवेंद्र फडनवीस को विधायक दल का नेता चुना गया है।
उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे किया। जिसका अनुमोदन सुधीर मुनगंटिवार ने किया। मुंबई में हुई विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसका ऐलान किया।
आलाकमान की ओर से पर्यवेक्षक बनाकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी महासचिव जेपी नड्डा वहां पहुंचे थे। उनके सामने ही फडनवीस के नाम पर मुहर लगी।
फडनवीस के नाम पर फैसले के बाद राजीव प्रताप रूडी सामने आए और बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी दी। सूत्रों की मानें तो नए मुख्यमंत्री 31 अक्टूबर को शपथ ले सकते हैं।
खडसे ने किया फडनवीस का प्रस्ताव
हालांकि सुबह में पार्टी के सीनियर नेता और नेता प्रतिपक्ष एकनाथ खडसे ने दबी जुबां से अपनी बात रखी थी। उन्होंने खुद के लिए सीएम पद की दावेदारी पेश की थी।
जिसके बाद एकनाथ खडसे को समझाने के लिए राजीव प्रताप रूडी ने उनसे मुलाकात की। जहां उन्हें मनाने की कोशिश की गई। इसके बाद ही उन्होंने बैठक में फडनवीस के नाम का प्रस्ताव रखा।
इस बीच शिवसेना के सोमवार को अचानक बिना शर्त समर्थन का संकेत देने के बावजूद भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। चूंकि एनसीपी ने विधानसभा में मतदान के दौरान गैरहाजिर रहने की बात कही है, ऐसे में भाजपा को अपनी सरकार के लिए तात्कालिक कोई संकट नहीं दिख रहा है।
इसलिए वह शिवसेना को साथ लेने के मामले में बहुत सोच समझ कर फैसला करना चाहती है। भाजपा महाराष्ट्र में साझा सरकार बनाए या अल्पमत सरकार, इस बारे में फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस संबंध में फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है, इसलिए पार्टी फिलहाल अल्पमत सरकार बनाने के विकल्प पर कायम है।
सूत्रों के मुताबिक ज्यादा संभावना अल्पमत सरकार की ही है, क्योंकि शिवसेना के हथियार डालने से पहले भी पार्टी ने जरूरत पड़ने पर शिवसेना को बाद में सरकार में शामिल करने का फैसला किया था।
मेयर से मुख्यमंत्री तक का सफर
बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे फडनवीस ने अपना करियर एक मेयर के तौर पर शुरू किया था। बीजेपी के अध्यक्ष और चौथी बार विधायक बने देवेंद्र फडनवीस पार्टी के निर्विवाद, ईमानदार और जाना-माना चेहरा हैं।
44 साल के देवेंद्र फडनवीस की छवि जमीन से जुड़े तेज तर्रार नेता की है। उनकी लोकप्रियता में चार चांद तब लगे जब उन्होंने महज 27 साल की उम्र में नागपुर के मेयर की जिम्मेदारी संभाली।
बतौर मेयर बेहतरीन काम कर लगातार चर्चा में बने रहने वाले फडनवीस नरेंद्र मोदी और संघ की पहली पसंद बने रहे। फडनवीस को राजनीति विरासत में मिली। इनके पिता गंगाधर राव फडनवीस नागपुर से एमएलसी थे।