स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के रडार पर करीब 1254 मोबाइल नंबर हैं। पाक जासूस इजाज ने पूछताछ में गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमले का अंदेशा जताया है। जिस पर सुरक्षा एजेंसियों की जांच-पड़ताल के बाद इन नंबरों को सर्विलांस पर लिया गया है।
इनमें से कई नंबर वेस्ट यूपी में संचालित हैं। कुछ मोबाइल नंबरों से पाक और खाड़ी देशों में लगातार बातचीत हो रही है। जिनसे भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। एसटीएफ को इनमें से कुछ नंबरों से महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं।
बता दें कि इस्लामाबाद निवासी पाक जासूस इजाज को यूपी एसटीएफ ने ही बीती 27 नवंबर को मेरठ कैंट से धर दबोचा था। इजाज को छह दिन के रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई। जाहिरा तौर पर खुफिया एजेंसियों के अफसरों ने भले ही इजाज से कुछ खास जानकारी मिलने से इंकार किया।
लेकिन सूत्रों के अनुसार इजाज ने जो बताया वह खासकर वेस्ट यूपी के लिए खतरे की घंटी माना गया। इजाज ने बताया कि आईएसआई देश भर में स्पीलिंग मॉड्यूल्स तैयार कर चुकी है। उसके जासूस हर जिले में फैले हैं। वेस्ट यूपी में आईएसआई का काफी बड़ा नेटवर्क है।
इन नंबरों में छिपे हैं आतंकी गतिविधियों के गहरे राज
26/1 पर विशेष तैयारी
जांच एजेंसियों के मुताबिक जासूस इजाज ने गणतंत्र दिवस पर आतंकी घटना होने के अंदेशे से इंकार नहीं किया है। उसने बताया था कि आईएसआई अफसर अपने जासूसों को किसी टारगेट के बारे में पहले से कुछ नहीं बताते। उनका काम देश में छिपे आतंकियों को सुरक्षित जगह मुहैया कराना और संभावित टारगेट की गोपनीय जानकारियां उपलब्ध कराना होता है।
आईएसआई ने अपने जासूसों से दिल्ली और वेस्ट यूपी में गणतंत्र दिवस की तैयारियों को लेकर सबसे ज्यादा जानकारियां ली हैं। जिसके चलते उसको कई बार दिल्ली भी जाना पड़ा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि इजाज के खुलासे पर यकीन किया जाए तो आगामी 26/1 पर वेस्ट यूपी में आतंकी साया मंडरा रहा है।
यूं बढ़ाई गई सतर्कता
एसटीएफ के मुताबिक इजाज की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों की गहन जांच पड़ताल में करीब 1254 मोबाइल नंबर संदिग्ध बताए गए। इनमें से कई ऐसे नंबर हैं जिनसे रोजाना पाकिस्तान और खाड़ी देशों में बातचीत की जाती है। इससे भी इंकार नहीं है कि इनमें से कुछ नंबर आतंकियों से न जुड़े हों। इसके मद्देनजर ही सतर्कता बढ़ाई गई है।
इनमें से कई नंबर वेस्ट यूपी में संचालित
सोशल साइट्स पर विशेष नजर
आईएसआई भारतीय सोशल साइट्स पर भी पूरी नजर रखती है। इजाज जैसे पाक एजेंटों ने फेसबुक और वाट्सएप पर कई आईडी बना रखी थीं। जिनसे वह भारत ही नहीं पाकिस्तान के अपने दोस्तों और परिजनों से भी संपर्क में रहता था। आईएसआई जानती है कि भारतीय यूथ सोशल साइट पर सबसे ज्यादा जुड़ा हुआ है। एसटीएफ भी सोशल साइट पर आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों की जांच-पड़ताल में जुटी है।
आठ जिले अतिसंवेदनशील
खुफिया विभाग द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, नोएडा समेत आठ जिलों को आतंकी गतिविधियों के लिहाज से अतिसंवेदनशील माना है। जिस पर वेस्ट यूपी में आतंकी साया मंडराते देखकर शासन ने एसटीएफ और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए है।
गणतंत्र दिवस पर आतंकी साये को देखते हुए जोन में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जोन के सभी एसएसपी को धार्मिक स्थलों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं। खुफिया विभाग से अतिसंवेदनशील इलाकों की सूची मांगी गई है।- आलोक शर्मा, आईजी जोन मेरठ