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नसबंदी के लिए आई महिलाएं, बेहोशी का इंजेक्शन दे डॉक्टर गायब

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ललितपुर के महरौनी में नसबंदी कराने आई महिलाओं को चिकित्सक बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर गायब हो गए। बाद में परिजन इन महिलाओं को लेकर घर वापस चले गए। एसडीएम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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महरौनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी के आपरेशन चल रहे हैं। यहां पर ललितपुर से चिकित्सक आपरेशन करने आते हैं। मंगलवार को भी यहां आपरेशन शिविर लगाया गया और देर शाम तक आपरेशन चलते रहे।

इस दौरान करीब पौने सात बजे आधा दर्जन महिलाओं के आपरेशन की तैयारी की गई और उन्हें चिकित्सक ने बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। कुछ देर तक तो मरीज इंतजार करते रहे, लेकिन इसी बीच चिकित्सक महरौनी से वापस ललितपुर चले गए और महिलाएं बेहोश अवस्था में वहीं पर पड़ीं रह गईं।
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जब तीमारदारों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने हंगामा कर दिया। बेहोश महिलाओं को काफी देर तक होश नहीं आया। इस पर तीमारदारों ने एसडीएम यशु रुस्तगी को मामले की जानकारी दी।

परिजनों ने किया हंगामा

तीमारदारों का आरोप था कि जिन मरीजों ने चिकित्सकों को सुविधा शुल्क दे दिया, उनके आपरेशन कर दिए गए, जबकि उनके मरीजों को बेहोश कर चिकित्सक चले गए।  एसडीएम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

मुख्य चिकित्साअधिकारी डॉ. सत्येंद्र कुमार ने बताया कि ऐसा संभव नहीं है। फिर भी यदि लिखित में कोई शिकायत आएगी तो जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बेहोश की गई महिलाएं
ग्राम गुढ़ा भदौरा निवासी सुमन पत्नी महेश कुशवाहा, राजकुमारी पत्नी मुकेश अहिरवार, गनेशी पत्नी वृंदावन, ग्राम जरया निवासी राजकुमारी पत्नी हरिश्चंद्र, ग्राम भौंड़ी निवासी संतोषी पत्नी कांशीराम, ग्राम कोरवास निवासी रामप्यारी पत्नी हीरालाल और ग्राम पचौड़ा निवासी चंद्रिका पत्नी नरेंद्र तिवारी शामिल हैं।
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एसडीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

62 आपरेशन किए
नसबंदी शिविर में जिला अस्पताल के दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी। वह मंगलवार को साढ़े चार बजे आए थे और 62 आपरेशन करने के बाद साढ़े सात बजे वापस चले गए।

मनमर्जी से पैसे दिए
चिकित्सकों के जाने के बाद अस्पताल में महिलाओं के रुकने का कोई मतलब नहीं था। इस कारण तीमारदारों ने मरीजों को वापस गांव ले जाने के लिए वाहन चालकों से मिन्नतें की। वाहन चालकों ने मनमर्जी से पैसे लेकर उन्हें वापस गांव भेजा।

साथ ही दो महिलाएं अस्पताल में ही रुक गईं, जिसपर उनके साथ आए तीमारदारों को अस्पताल से कंबल उपलब्ध कराए गए। वे कड़ाके की ठंड में किसी तरह अस्पताल में ही रात गुजारने को रुके।
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