पाकिस्तान पर भारत की जीत से जहां देशभर में जश्न का माहौल है वहीं पाकिस्तान में मातम का आलम है। लेकिन एक शख्स ऐसा भी है जो पाकिस्तानी होने के बावजूद भारतीय टीम की जीत पर भी खुश है। यह और कोई नहीं पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर हैं।
भारत पाकिस्तान के मैच को एक सामान्य मैच मानने वाले शोएब कहते हैं कि बिना वजह दोनों देशों के मुकाबलों को मैच नहीं युद्ध की तरह देखा जाता है। एक टीवी चैनल से बातचीत में शोएब ने काफी भावुक होते हुए कहा कि भारत पाक के संबंध इतने खराब भी नहीं हैं जितने मीडिया जाहिर करता है।
मैच के बाद आस्ट्रेलिया में भारत पाक समर्थकों के बीच हुई हिंसा पर निराशा जताते हुए शोएब ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है पढ़ी लिखी कौमें कभी ऐसा नहीं करतीं। बकौल शोएब मैने अपनी याद में पाकिस्तान में कभी कोई ऐसा आदमी नहीं देखा जो हिंदुस्तान या हिंदुस्तानियों को भला बुरा कहे।
16 नहीं 160 करोड़ का खिलाड़ी है युवराज
वहां लोग आज भी हिंदुस्तानियों की इज्जत करते हैं। न ही आज तक हमें कभी भारत में किसी ने कुछ गलत कहा। दोनों देशों के लोग आज भी एक दूसरे से प्यार के साथ रहना चाहते हैं।
मैच के दौरान बेशक गुस्सा आता हो लेकिन एक दूसरे को गाली कभी नहीं देते। शोएब के अनुसार कई भारतीय खिलाड़ी उनके अच्छे दोस्त हैं। जिनसे मैच में तकरार भी होती है लेकिन शाम को सब मिलकर मस्ती करते हैं।
शोएब ने बताया कि जब भारत की टीम मैच खेलने पाकिस्तान आई थी तब मैने कई जगह अपने यहां तिरंगा लटका देखा था। भारत पाकिस्तान के बीच टेंशन के लिए शोएब ने मीडिया को भी इसका दोष दिया। शोएब के अनुसार दोनों तरफ के लोग खुश रहना चाहते हैं लेकिन मीडिया हर छोटी बड़ी बात को बढ़ा चढ़ा कर दिखाता है जिससे भावनाएं भड़कनें लगती हैं।
युवराज सिंह के आईपीएल में 16 करोड़ में बिकने पर शोएब ने कहा कि वह 160 करोड़ का खिलाड़ी है। उसे वर्ल्ड कप टीम में हर हाल में होना चाहिए था। पाकिस्तान की टीम को सिर्फ युवराज और कोहली से ही डर लगता है। उन्होंने युवराज सिंह को खुद का अच्छा दोस्त भी बताया।
मां के लिए कह दिया क्रिकेट को अलविदा
वहीं क्रिकेट से संन्यास लेने के सवाल पर भी शोएब ने बड़ा खुलासा किया। उनके अनुसार वह अभी चार पांच साल और खेल सकते थे उनकी दिली इच्छा थी कि वह 2015 का वर्ल्ड कप खेलें लेकिन उन्हें अपनी मां की वजह से क्रिकेट को अलविदा कहना पड़ा। शोएब के अनुसार उनकी मां डायबिटिक की मरीज हैं और लगातार बीमार रहती हैं।
ऐसे में उनके बाहर खेलने जाने पर वह हमेशा परेशान रहती थीं। उनकी मां हमेशा उन्हें अपने पास रहने के लिए ही कहती थीं। अंत में उन्होंने अपनी मां के लिए क्रिकेट छोड़ने का ही फैसला किया।
वहीं उन्होंने भारत को अगले मैच में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स से सचेत रहने की सलाह दी। बकौल शोएब डिविलयर्स को शुरूआती मैचों में बाउंसर से ही आउट किया जा सकता है लेकिन एक बार वह जम गए तो फिर उन्हें आउट करना मुश्किल है।