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डांस बार पर पाबंदी से सुर्खियों में आए थे पाटिल

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बीते ढाई दशक से आरआर पाटिल महाराष्ट्र की राजनीति में अजातशत्रु थे। बेहद ईमानदार और जमीन से जुड़े इस नेता को देशभर में ख्याति तब मिली, जब उन्होंने 2005 में डांस बार पर पाबंदी लगाई। गांव को झगड़ा मुक्त बनाने के लिए पाटिल ने महात्मा गांधी तंटा मुक्त गांव योजना शुरू की।
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मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान की देशभर में चर्चा है लेकिन यह बहुत कम लोग जानते होंगे कि पाटिल ने बतौर ग्राम विकास मंत्री 2000-2001 में महाराष्ट्र में संत गाडगे बाबा ग्रामीण स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी।

राज्य के कद्दावर नेता रहे पाटिल एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के बेहद करीबी थे, इसलिए उन्हें राज्य सरकार में हमेशा नंबर दो की कुर्सी मिली। मोदी लहर में भी वह चुनाव जीते। सत्ता नहीं होने पर पवार ने उन्हें विधानसभा में पार्टी विधायक दल का नेता नियुक्त किया था। पाटिल को प्यार से लोग आबा नाम से बुलाते थे।
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अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते थे पाटिल

मराठी में उनकी भाषण शैली लाजवाब थी। हालांकि मुंबई में 26/11 हमले के बाद हिंदी में दिए एक बयान ‘बड़े-बड़े शहरों में छोटी-छोटी घटनाएं होती रहती हैं’ ने उन्हें बैकफुट पर ला दिया था, जिसके चलते उन्हें गृहमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी।

एक बार विधानसभा में 26/11 हमले के एकमात्र जीवित आतंकवादी अजमल कसाब को जेल में बिरयानी खिलाने और मारे गए अन्य नौ आतंकवादियों की लाश मुर्दाघर में सड़ने के सवाल पर विपक्ष ने उन्हें चौतरफा घेर लिया था।

तब पाटिल ने बड़ी शालीनता से बताया था कि सभी आतंकवादियों के शव को दफना दिया गया है, जिसे सुनकर पूरा सदन सन्न हो गया था।
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