अपने हौसले, हिम्मत और जज्बे से समाज को दिशा दिखाने वाली, संघर्षों के दम पर लंबी लकीर खींचने वाली उत्तर प्रदेश की 15 महिलाओं को बुधवार को कानपुर क्लब में 'अमर उजाला रूपायन अचीवर अवार्ड' से नवाजा गया।
संघर्ष की मिसाल ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सिंग खिलाड़ी मैराकाम ने महिलाओं को अवार्ड दिया और उनके हौसलों को सलाम कर इसी तरह कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी। कलर्स चैनल की टीम और प्ले बैक सिंगर कुणाल गांजावाला ने प्रस्तुति दी।चैनल पार्टनर ई टीवी ने उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड पर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया।
कानपुर क्लब में हुए भव्य समारोह में मैरीकाम ने महिलाओं से कहा कि राह में तमाम मुश्किलें आएंगी। कई बार लोग भी हंसी उड़ाएंगे और कई बार मन में आएगा कि कहां फंस गई लेकिन हार नहीं माननी चाहिए। न डरें और न ही झुकें, सफलता जरूर कदम चूमेगी।
बुधवार शाम पांच बजे स मान समारोह शुरू होने से काफी पहले ही कानपुर क्लब भर गया था। शहर के प्रमुख अफसर, उद्योगपति, डाक्टर, स्वयंसेवी संगठनों के लोगों के उत्साह और तालियों की गूंज के बीच अचीवरों को स मानित करने का क्रम शुरू हुआ।
सबसे पहले सभी 15 अचीवर के जीवन पर आधारित तीन-तीन मिनट की लघु फिल्म दिखायी गई। ब्रिगेडियर प्रमित सक्सेना, केंद्रीय योजना आयोग की सदस्य रहीं डॉ. सईदा हामिद, कनाडा उच्चायोग के उप उच्चायुक्त गेस डटन ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इसके बाद मैरीकाम पर एक मिनट की लघु फिल्म दिखायी गई। अचीवर्स अवॉर्ड की जज और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सईदा हमीद ने कहा कि महिलाओं का यह सम्मान दूसरी महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देगा।
इन महिलाओं का हुआ सम्मान
इस सम्मान समारोह में बहराइच की डा बलमीत कौर, सहारनपुर की डा. कुदसिया अंजुम, कानपुर की डा. रंजना गुप्ता, गोरखपुर की सीमा त्रिपाठी, मेरठ की फातिमा शाहिद, देवरिया की गिरजा त्रिपाठी, इलाहाबाद की कमलेश कु. पालीवाल, मुरादाबाद की कंजन खन्ना, कानपुर की माधवी सेंगर, इलाहाबाद की नेहा मेहरोत्रा, रामपुर की शबनम खान, इलाहाबाद की रानी अवस्थी, वृंदावन की डा. लक्ष्मी गौतम, गाजियाबाद की शारदा सिंह और बस्ती की अंजनी मल्लाह को बॉक्सर मैरीकॉम द्वारा सम्मानित किया गया।