पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं। ट्राई के अध्यक्ष प्रदीप बैजल ने जिस तरह से एक दिन पहले पूर्व प्रधानमंत्री पर 2जी केस में कई सवाल उठाए उसी का जवाब देने के लिए मनमोहन सिंह सामने आए।
हालांकि मनमोहन सिंह के चुप्पी तोड़ने के तुरंत बाद भाजपा की भी प्रतिक्रिया आ गई। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि जब देश को जरूरत थी तब पूर्व प्रधानमंत्री ने चुप्पी नहीं तोड़ी। जब सच्चाई सबके सामने आ गई तब उनके चुप्पी तोड़ने का क्या फायदा?
इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्राई के अध्यक्ष ने उन पर जो भी आरोप लगाए हैं उनमें कोई सच्चाई नहीं है। मैंने अपने पद का कभी खुद के लिए या परिवार या फिर दोस्तों के लिए इस्तेमाल नहीं किया। मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए उन पर भ्रष्टाचार के ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।
बैजल के आरोपों को किया खारिज
इतना ही नहीं पूर्व प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं। एनएसयूआई के राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन पर और उनके नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
मनमोहन सिंह ने बताया कि उनकी सरकार में कई नए कार्यक्रम जनता के हित में चलाए गए। इसके साथ-साथ कई नई नीतियां भी बनाई और सुचारू ढंग से चलाया। पूर्व प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर नहीं है। नई सरकार इससे कैसे निपटती है ये बड़ा सवाल है।
मनमोहन सिंह की ये प्रतिक्रिया ट्राई के अध्यक्ष प्रदीप बैजल के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पर आरोप लगाए थे कि अगर 2जी केस में सहयोग नहीं किया तो उनके लिए अच्छा नहीं होगा।
मनमोहन सिंह पर भाजपा ने किया पलटवार
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बैजल के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। इस बीच मनमोहन सिंह के चुप्पी तोड़ने के तुरंत बाद भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूर्व प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने मनमोहन सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने खुद को बचाने के लिए चुप्पी तोड़ी है।
संबित पात्रा ने कहा कि आखिरकार उनकी खामोशी आज टूट ही गई, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि ये चुप्पी उस समय क्यों नहीं टूटी जब जरूरत थी। जब पूरे देश के सच्चाई पता है तो चुप्पी तोड़ने से क्या फायदा?
संबित पात्रा ने मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस समय देश उनसे 2जी, कोलगेट, कॉमनवेल्थ गेम्स घोटालों के लेकर पूर्व प्रधानमंत्री से संसद में सवाल पूछ रहा था तो उस समय उन्होंने चुप्पी का चुनाव किया। अब जबकि सीएजी, सीबीआई जैसी एजेंसियों के जरिए सच्चाई सबके सामने आ गई तो पूर्व प्रधानमंत्री ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने खुद को बचाने के लिए ऐसा किया।