कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आप पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरे दलों की तरह हमें चुनाव में ऐसे वादे नहीं करने चाहिए जो अव्यवहारिक हों।
चार राज्यों में मिली पराजय से पार्टीजनों को निराश होने की जरूरत नहीं है। लोकसभा चुनावों में मुद्दे अलग होंगे तो पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी।
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बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजे निराशाजनक जरूर हैं लेकिन 2014 में होने जा रहे आम चुनाव को लेकर हमें हताश नहीं होना चाहिए। अगले साल होने वाला आम चुनाव राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर लड़ा जाएगा।
हो सकता है कि विधानसभा के भी कुछ मुद्दे उस समय उठाए जाएं लेकिन जनता उस समय हमारी सरकार के पूरे प्रदर्शन के आधार पर अपना फैसला देगी। आम चुनाव में यह देखा जाएगा कि राष्ट्रीय मुद्दों पर हमारी पार्टी व सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार के साढ़े नौ साल के कामकाज का रिकार्ड लोगों के बीच में प्रभावी तरीके से पेश किए जाने की जरूरत है। उन्होंने पार्टी सांसदों से कहा कि महंगाई पर जनता को सही स्थिति की जानकारी देनी होगी। जनता को यह बताना होगा कि देश में मंदी के पीछे वैश्विक कारण रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने सांसदों की चुनावी चिंता को यह कहते हुए दूर करने कोशिश की कि कुछ इसी तरह की सफलता राजग को 2003 में भी विधानसभा चुनावों में हासिल हुई थी।
कुछ ही महीने बाद हुए आम चुनाव में संप्रग सत्ता में आ गई थी। इसलिए विधानसभा चुनाव के परिणाम को लोकसभा के लिए मानक नहीं माना जा सकता है।
मनमोहन सिंह ने आम आदमी पार्टी का नाम न लेते हुए कहा कि हम उन राजनीतिक दलों से भिन्न है इसलिए भविष्य के लिए हमारे कार्यक्रम ऐसे वादों पर आधारित नहीं होने चाहिए जो संभावनाओं के दायरे से बाहर हों। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ मजबूत नेतृत्व की बात करनी चाहिए।