भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में आई नई सुगबुगाहट को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने शीर्ष राजनीतिक स्तर पर रिश्तों की बुनियाद दुरुस्त करने की हामी भर दी है।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेशी व राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के बीच मंगलवार को यहां हुई मुलाकात में दोनों पक्षों ने विश्वास बहाली और विवादों को सुलझाने के अपने इस इरादे को जाहिर किया।
रिश्तों को शीर्ष राजनीतिक स्तर पर नई दिशा देने की इस हामी के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सितंबर में न्यूयॉर्क में मुलाकात होगी।
वहीं भारत से रिश्ते सुधारने की चुनाव के दौरान की गई अपनी घोषणा को आगे बढ़ाते हुए नवाज शरीफ ने मनमोहन सिंह को पाकिस्तान आने का अपना न्योता एक बार फिर दोहराया है।
सरताज अजीज के साथ सलमान खुर्शीद की अचानक यह मुलाकात चुनाव बाद सत्ता में आयी नवाज सरकार के साथ अब तक की सबसे अहम और शीर्ष स्तरीय संपर्क है।
ब्रुनेई की राजधानी बंदर सेरी बेगावान में 20वें आसियान क्षेत्रीय फोरम से इतर दोनों की यह मुलाकात हुई।
खुर्शीद के साथ अपनी लगभग आधे घंटे की बैठक के बाद सरताज अजीज ने भारतीय पत्रकारों से कहा कि भारत ने रिश्तों को झटकों से उबार कर आगे बढ़ाने की गहरी इच्छा दिखाई है। मगर जाहिर तौर पर इसे और आगे बढ़ाने के लिए शीर्ष राजनीतिक स्तर पर मजबूती प्रदान करने की जरूरत है।
अजीज ने बताया कि नवाज शरीफ की ओर से भारतीय प्रधानमंत्री को दिए गए न्योते की उन्होंने सलमान खुर्शीद को याद दिलाई है।
अजीज की मौजूदगी में ही खुर्शीद ने कहा कि नवाज सरकार ने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए जो शुरूआती पहल की है भारत ने उसका सकारात्मक जवाब दिया है।
खुर्शीद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने शरीफ के सकारात्मक संकेतों का उसी गरमाहट से जवाब दिया है। इसी लिए संयुक्त कार्यदल की जुलाई-अगस्त में बैठक पर हमारी नजर है।
इसी तरह जेल में बंद कैदियों की पहचान के लिए पाकिस्तान के न्यायिक आयोग आ रहा है। तो हम भी पाक जेल में बंद भारतीय कैदियों के साथ मानवीयता के आधार पर रिहाई की अपेक्षा रखते हैं।
खुर्शीद ने कहा कि जाहिर तौर पर हमारे पड़ोसी देश में लोकतंत्र का विकास हमारे लिए भी सुखद है। इसी लिए हमने पाकिस्तान की ताजा बिजली और गैस की चुनौतियों में उसकी मदद की पहल शुरू कर दी है। यह रिश्तों को आगे बढ़ाने की भारत के ठोस इरादे को दर्शाता है।
मुंबई आतंकी हमले के गुनहगारों को सजा दिलाने की भारत की मांग का अजीज और खुर्शीद दोनों ने जवाब नहीं दिया। खुर्शीद ने कहा कि हमने जो बातचीत की उसे बता दिया है और अब यह आगे बढ़ने का समय है।