अपनी कुर्सी बचाने में लगे मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को एक और विवादास्पद बयान दे दिया। मांझी ने कहा कि उन्हें भी निर्माण कार्यों के ठेकों में कमीशन मिलता है, लेकिन जब वो उसे लेने से इनकार करने लगे तो उन्हें पद से हटाने की साजिश शुरु हो गयी।
पटना के गांधी मैदान में आयोजित शिक्षक कर्मचारी संघ के स्थापना दिवस पर सभा को संबोधित करते हुए माझी ने कहा कि करोडों के पुल का अरबों में निर्माण हो रहा है। पुल निर्माण के लिए दिए जाने वाले ठेकों से एक बड़ी राशि कमीशन के रूप में मिलती है।
यह कमीशन मुझे भी मिला करता था, लेकिन अब हम ऐसा नहीं करेंगे। ठेकेदारों से जो करोडों रुपये का कमीशन मिलता है, उसे अब हम शिक्षकों में वितरित कर देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के वित्तरहित स्कूलों का सरकार अधिग्रहण करेगी।
पुल निर्माण का कमीशन अब शिक्षकों को दूंगा
माझी ने कहा कि शिक्षकों के लिए पैसों की कमी नहीं होने देंगे। वित्तरहित शिक्षकों को भी नियोजित शिक्षकों की तरह ही वेतन दिया जायेगा। इससे पूर्व एग्रो बिहार-15 के उद्द्याटन समारोह में बोलते हुए माझी ने नीतीश पर ईशारों ईशारों में हमला किया।
माझी ने कहा कि हर जगह बिचौलिए हैं, सरकार में भी हैं। इससे सतर्क रहने की जरूरत है। मुर्गे की तरह मेरा गला भी दबाया जा रहा है, लेकिन मैं मुर्गा नहीं हूं। स्थानीय वेटनरी कॉलेज प्रांगण में मुख्यमंत्री ने पांच एकड भूमि वाले किसानों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की।
साथ ही उन्होंने एससी-एसटी किसानों को अस्सी फीसदी सब्सिडी देने की भी बात कही। माझी ने कहा वे जल्द ही कैबिनेट की बैठक बुलाकर इनसभी बातों पर फैसला लेंगे। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे अगली बार सीएम बनते हैं तो दस एकड भूमि वाले किसानों को मुफ्त बिजली की सुविधा मुहैया करवाएंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों को सब्सिडी का लाभ पहुंचे इसकी सुनिश्चित व्यवस्था की जाए। सब्सिडी का पैसा सीधे किसानों के खाते में भेजने की व्यवस्था की जाए।
12 विधायकों से चल रही माझी सरकार : नीतीश
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जीतन राम मांझी की सरकार केवल 12 विधायकों से चल रही है। गुरुवार को पटना पहुंचने के बाद नीतीश ने कहा कि सारा खेल भाजपा के इशारे पर हो रहा है। अफवाहों का बाजार गर्म किया जा रहा है।
कल हाइकोर्ट के फैसले को गलत तरीके से प्रचारित किया गया, तो आज खबर फैला दी गयी कि विधानसभा अध्यक्ष को गिरफ्तार किया जा रहा है। इस सब से बिहार को माहौल खराब हो रहा है।
प्रदेश में राजनीतिक उठापटक के लिए भाजपा जिम्मेदार ठहराते हुए नीतीश ने कहा कि भाजपा की जो हालत दिल्ली में हुई है, वही बिहार में भी होने जा रही है। बिहार की जनता सारा खेल देख रही है।
नीतीश ने राज्यपाल पर खड़े किए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी द्वारा जीतन राम मांझी को बजट सत्र के पहले दिन विश्वास मत साबित करने पर मौका देने पर सवाल खड़े किये। उन्होंने पूछा कि रा’यपाल किस सरकार का अभिभाषण पढेंगे और बिहार में अभी किस दल की सरकार है।
नीतीश ने कहा कि राज्यपाल और भाजपा संसदीय लोकतंत्र की हत्या करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। पर्दे के पीछे रह कर सारा खेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करा रहे हैं। मांझी ने प्रधानमंत्री से मिलने के बाद तोड़-फोड़ शुरू कर दिया है।
जदयू को तीन पार्टियों का समर्थन प्राप्त है, फिर भी भाजपा सामने आकर माझी को समर्थन देने की बात नहीं कर रही है, सदन में बहुमत कैसे साबित करने का दावा किया जा रहा है।