गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार पर जानबूझकर उनकी रैली के बाद मीडिया एडवाइजरी जारी करने के आरोप को सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने गलत बताया है।
नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बहराइच में अपनी रैली के दौरान कहा था कि आपको जानकर हैरानी होगी कि सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने टीवी मीडिया वालों को इस हफ्ते एक आदेश जारी किया है जो 15 अगस्त से जुड़ा हुआ है।
मोदी ने कहा था कि मीडिया को परामर्श जारी किया गया है कि प्रधानमंत्री के 15 अगस्त को लाल किले पर दिए भाषण की तुलना उनसे क्यों की गई।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त की घटना पर परामर्श इस हफ्ते जारी किया गया। केंद्र सरकार को प्रधानमंत्री के सम्मान की चिंता नहीं थी। उन्हें परेशानी ये है कि 27 अक्तूबर को राजनाथ सिंह और नरेंद्र मोदी पटना में रैली कर रहे थे और वहीं उनके 'शहजादे' (राहुल गांधी) दिल्ली में भाषण दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि मीडिया वालों ने गलती यह की कि 'शहजादे' को दिखा तो रहे थे लेकिन सुना नहीं रहे थे। दिखा और सुना भी रहे थे मोदी को। इससे पूरी कांग्रेस पार्टी बौखला गई और इस हफ्ते ये आदेश जारी किया।
'मोदी को गलत जानकारी'
इस आरोप को मनीष तिवारी ने खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी जिस कार्यक्रम की बात कर रहे हैं वो 27 अक्तूबर को हुआ और एडवाइजरी 21 अक्तूबर को जारी कर दी गई थी।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के पास एडवाइजरी के संबंध में गलत जानकारी है।
मनीष तिवारी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के भाषण की तुलना किसी अन्य नेता से न करने संबंधी टीवी न्यूज चैनलों को जारी परामर्श को सही ठहराते हुए कहा कि कुछ खास मौकों से जुड़ी गरिमा को बनाए रखने की जरूरत है।