आम आदमी पार्टी के मंत्रियों की सूची में अपना नाम नहीं होने से विनोद कुमार बिन्नी का गुस्सा मंगलवार शाम फूट पड़ा। हालांकि अगली सुबह तक उन्हें मनाने की कोशिशें रंग लाती दिखीं।
बिन्नी की नाराजगी की वजह भी है। दरअसल, जब से यह साफ हुआ कि अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में आम आदमी पार्टी सरकार बनाने जा रही है, तभी से बिन्नी का नाम संभावित मंत्रियों में शामिल रहा।
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लेकिन जब अंतिम सूची सामने आई, तो बिन्नी का नाम नहीं था। इसकी वजह यह है कि बिन्नी, मनीष सिसौदिया के पड़ोसी हैं। पार्टी ने यमुनापार से दो विधायकों को मंत्रियों की लिस्ट में शामिल करने से बेहतर अपनी सोशल इंजीनियरिंग को समझा।
दरअसल, पार्टी ने मंत्रियों का नाम तय करने में इलाके का ध्यान रखा है। इसमें दिल्ली के सभी इलाकों से नाम लेने की कोशिश पार्टी ने की है। यमुनापार से भी पार्टी को एक नाम शामिल करना था।
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लेकिन यहां से दो नाम दौड़ में थे। पटपड़गंज से मनीष सिसौदिया और लक्ष्मी नगर से विनोद कुमार बिन्नी विधायक बने हैं। पार्टी को इनमें से एक नाम तय करना था। इसके लिए कई दौर की बैठकें हुईं।
आखिर में मनीष सिसोदिया बिन्नी पर भारी पड़े। सोशल इंजीनियरिंग को तरजीह देते हुए पार्टी ने आखिरी वक्त पर लिस्ट में गिरीश सोनी का नाम शामिल कर लिया।
इसकी सूचना पाकर बिन्नी कौशांबी स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल से अपनी नाराजगी जताई। बाद में वह गुस्से में बाहर निकल गए।