कांग्रेस के आमंत्रण पर जवाहर लाल नेहरू की 125वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने दिल्ली आईं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात कर एक तीर से दो निशाने साधे हैं।
कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल हो और आडवाणी से मिलकर ममता ने साफ संदेश दिया कि उनके दिल में दोनों ही राष्ट्रीय दलों के लिए समान जगह है। साथ ही भाजपा के नए निजाम को यह भी इशारा कर दिया कि सर्वमान्य बनने के लिए उन्हें अभी बहुत कुछ करना होगा।
बहरहाल ममता ने भाजपा में दरकिनार किए जा चुके आडवाणी से मुलाकात कर उनके हौसले को बढ़ा दिया है। आडवाणी से मुलाकात के जरिए बंगाल की मुख्यमंत्री ने सूबे के भाजपाइयों को भी संदेश दिया है कि उनकी भाजपा से दूरी महज कुछ खास वजहों के कारण है।
वैसे आडवाणी के करीबियों ने ममता की भेंट को शिष्टाचार मुलाकात करार दिया है। बताया जा रहा है कि वह आडवाणी की पत्नी कमला का कुशलक्षेम जानने गई थीं। सूत्रों के अनुसार ममता ने आडवाणी के समक्ष राज्य भाजपा की ओर से लग रहे अनर्गल आरोपों की शिकायत भी की है।
आधे घंटे की मुलाकात में बंगाल के हालात पर चर्चा
कहा जा रहा है कि ममता ने भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी से आधे घंटे की मुलाकात में सूबे की राजनीतिक हालातों पर चर्चा की।
ऐसा नहीं है कि ममता को आज की भाजपा में लालकृष्ण आडवाणी की हैसियत का अहसास नहीं है लेकिन सियासत को नया रंग देने में माहिर माने जाने वाली ममता की भाजपा के पितामह से हुई मुलाकात को राजनीतिक संदेश देने की कवायद का हिस्सा माना जा रहा है।