बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह ही अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सत्ता में वापसी के लिए साइकिल का सहारा ले रही हैं।
वह छात्रों को नीतीश की तरह साइकिल बांटकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने का सपना देख रही हैं। इसके लिए ममता के उस वादे को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया है, जिसमें उन्होंने आठवीं से दसवीं कक्षा तक के 40 लाख छात्रों को मुफ्त साइकिल बांटने का एलान किया था।
दरअसल पार्टी की सोच यह है कि जिन छात्रों को साइकिलें दी जाएंगी, उनमें से ज्यादातर अगले साल 18 साल के हो जाएंगे। यानी वे सब वोट डाल सकेंगे। जाहिर है साइकिल मिलने के दबाव में उनका वोट तृणमूल कांग्रेस को ही मिलने की उम्मीद रहेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस साल स्वाधीनता दिवस पर ही साइकिल बांटने का एलान किया था।
वैसे, राज्य सरकार पिछले साल से ही माओवाद प्रभावित पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा व पुरुलिया जिलों में नौवीं व 10वीं कक्षा की आदिवासी छात्राओं को मुफ्त साइकिल बांटती रही है। लेकिन अब पूरे राज्य के छात्र-छात्राओं को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा।