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साइकिल से सत्ता में वापसी का सपना देख रहीं ममता

Fri, 30 Oct 2015 07:49 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह ही अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सत्ता में वापसी के लिए साइकिल का सहारा ले रही हैं।
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वह छात्रों को नीतीश की तरह साइकिल बांटकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने का सपना देख रही हैं। इसके लिए ममता के उस वादे को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया है, जिसमें उन्होंने आठवीं से दसवीं कक्षा तक के 40 लाख छात्रों को मुफ्त साइकिल बांटने का एलान किया था।

दरअसल पार्टी की सोच यह है कि जिन छात्रों को साइकिलें दी जाएंगी, उनमें से ज्यादातर अगले साल 18 साल के हो जाएंगे। यानी वे सब वोट डाल सकेंगे। जाहिर है साइकिल मिलने के दबाव में उनका वोट तृणमूल कांग्रेस को ही मिलने की उम्मीद रहेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस साल स्वाधीनता दिवस पर ही साइकिल बांटने का एलान किया था।
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वैसे, राज्य सरकार पिछले साल से ही माओवाद प्रभावित पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा व पुरुलिया जिलों में नौवीं व 10वीं कक्षा की आदिवासी छात्राओं को मुफ्त साइकिल बांटती रही है। लेकिन अब पूरे राज्य के छात्र-छात्राओं को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा।
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40 लाख छात्रों में बंटेगी साइकिलें

ममता कहती हैं कि सरकार ने अब तक लगभग साढ़े तीन लाख छात्राओं को साइकिल दी है। अब 40 लाख छात्र-छात्राओं को साइकिल देने की एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई है।

एक अधिकारी ने बताया कि जल्दी इन साइकिलों की खरीद के लिए खुली निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। पहले इसे बाजार से सीधे खरीदने की योजना थी, लेकिन बाद में यह अंदेशा हुआ कि इससे विपक्ष भ्रष्टाचार के आरोप लगा सकता है। इसलिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखने का फैसला किया गया।

ममता और उनके सहयोगियों की दलील है कि ग्रामीण इलाकों में बांटी जानी वाली इन साइकिलों से जहां छात्रों को स्कूल-कॉलेज तक जाने में सहूलियत होगी और गरीबों को परिवहन का भी एक साधन मिलेगा।
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