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आज की 'सावित्री', जो 'यमराज' से छीन लाईं पति के प्राण

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किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे अपने पति को किडनी डोनेट कर जीवनदान देने वाली पत्नी कीर्ति गुप्ता आज महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई हैं। उनके लिए करवा चौथ का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि उन्होंने अपने पति की दीर्घायु के लिए सिर्फ व्रत ही नहीं रखा बल्कि पति की जान बचाने के लिए व्रत से आगे बढ़कर अंगदान भी कर दिया।
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सात साल पहले प्रतिभा कॉलोनी निवासी कीर्ति गुप्ता को जब यह पता चला कि उनके पति मनोज गुप्ता को किडनी की गंभीर बीमारी है, तो उनकी हंसती खेलती दुनिया में वीरानी छा गई। उस समय शादी के 11 साल हो चुके थे। बच्चे छोटे थे।

एक वक्त ऐसा भी आया जब लगा कि चारों ओर अंधेरा है और उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आई। ऐसे में कीर्ति ने अपने पति को किडनी डोनेट करने की ठानी। इत्तिफाक से किडनी मैच कर गई और सभी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गईं।
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धन्य है ऐसी अर्द्धांगिनी...

मूल रूप से रघुवीर पुरी निवासी मनोज गुप्ता ठेकेदारी करते हैं। मनोज कहते हैं कि जिस वक्त बीमारी का पता चला तो सभी लोग परेशान हो गए। लग रहा था कि अब परिवार का भविष्य अंधेरे में है।

ऐसे में मेरी पत्नी कीर्ति आगे आई और अपने साहस का परिचय देते हुए मेरे लिए किडनी डोनेट करने का फैसला लिया। मेरे लिए तो मेरी पत्नी जिंदगी है। उसने मुझे दूसरा जीवन दिया है।

कीर्ति के फसले की उसके ससुर रामबहादुर गुप्ता और सास वीना रानी प्रशंसा करते हैं। कीर्ति कहती हैं कि उन्होंने पढ़ा और सुना था कि इंसानी शरीर में दो किडनी होती हैं। एक किडनी के साथ मनुष्य सामान्य जीवन जी सकता है। इसीलिए अपने परिवार की खातिर उन्होंने किडनी डोनेट की। उन्हें खुशी है कि उनका फैसला कामयाब रहा। सही मायने में कीर्ति अर्द्धांगिनी बन कर अपने परिवार को आगे बढ़ा रही हैं।
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