नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 64 फाइलों को सार्वजनिक कर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा की परेशानी बढ़ा दी है।
अपने इस एक सियासी दांव से ममता ने जहां भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को अपने नाम कर लिया है, वहीं मोदी सरकार पर केंद्र के पास पड़ी नेताजी से जुड़ी 130 फाइलों को सार्वजनिक करने का सियासी दबाव बढ़ गया है।
चूंकि लोकसभा चुनाव और बाद में नेताजी के परिवार के समक्ष गोपनीय फाइलों को वादा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं, ऐसे में ममता के इस सियासी दांव से सरकार को चिंता में डाल दिया है।
भाजपा हालांकि केंद्र से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने संबंधी सवाल से बच रही है, मगर इसी पार्टी के सुब्रमण्यम स्वामी ने इसके लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी देकर सरकार की उलझन बढ़ा दी है। हालांकि इस मुद्दे पर पीएम मोदी के वादे के बाद भी सरकार का रुख स्पष्ट नहीं रहा है।