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अब प्याज को तलने वाला तेल भी होने जा रहा महंगा

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किसानों को तिलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने और घरेलू उद्योग को संरक्षण देने के लिए सरकार ने आयातित खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 5 फीसद बढ़ा दिया है।
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सरकार के इस कदम से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमत में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने क्रूड और रिफाइंड दोनों किस्म के खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी की है। क्रूड खाद्य तेलों के आयात पर अब 7.5 फीसदी के बजाय 12.5 फीसदी की दर से शुल्क लगेगा, जबकि रिफाइंड खाद्य तेलों पर अब 15 फीसदी के बजाय 20 फीसदी शुल्क लगेगा।

वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से अधिक तिलहन फसल उत्पादन के लिए किसान प्रोत्साहित होंगे। जब देश में तिलहन का उत्पादन बढ़ेगा तो यहां तेल निकालने वाली कंपनियों का भी फायदा होगा। हालांकि इस फैसले से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की खुदरा कीमत में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।
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प्रति लीटर 50 पैसे से एक रुपये तक हो सकता है असर

वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इसका असर प्रति लीटर 50 पैसे से एक रुपये तक का हो सकता है। उल्लेखनीय है कि इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमत में नरमी है, जबकि यहां तिलहन फसलों का उत्पादन कम है। इसलिए यहां खाद्य तेलों का आयात बढ़ रहा है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने कच्चे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में 5 फीसदी की बढ़ोतरी को नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि क्रूड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 25 फीसदी होना चाहिए, जबकि रिफाइंड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 45 फीसदी हो। संगठन पहले से ही ऐसे शुल्क ढांचे की मांग करता रहा है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता का कहना है कि वह किसानों और घरेलू प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के हितों की रक्षा करने के लिए सस्ते तेल के आयात पर रोक लगाने के पक्षधर हैं। जहां तक तिलहनी फसलों के रकबे का सवाल है, तो इसमें लगातार कमी हो रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तिलहनी फसलें लाभप्रद नहीं होने की वजह से किसान इसे छोड़ कर अधिक लाभ देने वाली फसलें बोते हैं। कृषि मंत्रालय के 2015-16 के लिए पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक देश में 198.90 लाख टन तिलहन उत्पादन होने का अनुमान है, जबकि 2014-15 के दौरान देश में 266.75 लाख टन तिलहन का उत्पादन हुआ था।
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