लगता है दीदी को अपना ही गुस्सा भारी पड़ने वाला है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कार के लिए इंतजार करने के बाद अपने सुरक्षाकर्मियों पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि इन्हें ‘कोड़े लगाए जाने चाहिएं।’ अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और बृहस्पतिवार को राज्य मानवाधिकार आयोग में ममता की शिकायत दर्ज कराई गई है।
एसोसिएशन ऑफ प्रोटेक्शन आफ डेमोक्रेटिक राइट्स (एपीडीआर) ने ममता के व्यवहार एवं इस्तेमाल की गई भाषा के लिए उनके खिलाफ राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए इसे ‘घोर मानवाधिकार उल्लंघन’ करार दिया है। ममता बुधवार को कोलकाता पुस्तक मेला गईं और वहां निकास द्वार पर कार आने में देरी के लिए वह गुस्से में अपने सुरक्षाकर्मियों पर बरस पड़ीं।
मेला आयोजक पब्लिशर्स एंड बुक सेलर्स गिल्ड के एक अधिकारी ने बताया कि जब ममता प्रवेश द्वार नंबर एक से निकलीं तो उनकी कार भीड़ के चलते वहां देरी से पहुंची। इस पर ममता भड़क गईं। उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि उन्हें ‘कोड़े लगाए जाने चाहिएं’।
एपीडीआर अधिकारी धीरज सेनगुप्ता ने कहा, ‘उन्होंने जो किया है वह मौलिक मानवाधिकारों के मूल्यों के खिलाफ है। यह घोर मानवाधिकार उल्लंघन है। हम ऐसे व्यवहार की निंदा करते हैं, जो कि राज्य के सर्वोच्च प्राधिकारी द्वारा किया गया है। हमने शिकायत दर्ज कराई है।’