केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने वाले कर्मचारियों को किसी भी सरकारी पद का अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया जा सकता।
इसमें वे कर्मचारी भी शामिल होंगे, जिनके खिलाफ प्रतिकूल वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट होती है। इसके अलावा सरकार ने यह भी कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त संस्थाओं आदि में अतिरिक्त कार्यभार संभालने वाले अधिकारी या कर्मचारी अतिरिक्त वेतन के हकदार नहीं होंगे।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने संयुक्त नियुक्तियों के संदर्भ में वित्तीय नियम 49 की समीक्षा के बाद यह निर्देश जारी किया है। निर्देश में कहा गया है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई की सामना कर रहे कर्मचारियों या जो वैसे कर्मचारी जो उक्त पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं, उन्हें अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया जा सकता।
निर्देश में पद के उपयुक्त नहीं होने को स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में प्रतिकूल एंट्री होने पर अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती। वित्तीय नियम 49 के प्रावधान केवल सरकारी कर्मचारियों पर लागू होते हैं।
विभाग ने कहा है कि स्वायत्त संस्थाओं या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के एक कर्मचारी की इसी तरह की दूसरी संस्था में नियुक्ति पर व्यक्तिगत नियोक्ता का नियम लागू होगा। इन नियमों के तहत नियुक्ति केवल तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय नियम की भावना के अनुरूप होनी चाहिए।