मद्रास उच्च न्यायालय ने एक फैसले में बच्चों के दुष्कर्मियों को नपुंसक बना दिए जाने की सिफारिश की है। उच्च न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में केंद्र सरकार से कहा है, 'बर्बर अपराधों के लिए सजा का बर्बर पैमाना होना चाहिए।'
एक बच्चे के यौन शोषण के मामले के आरोपी विदेशी नागरिक की ओर से दाखिल याचिका को रद्द करते हुए जस्टिस ए किरुबाकरन ने कहा कि बच्चों के दुष्कर्म के आरोपियों को बधिया कर दिया जाए तो बच्चों के यौन शोषण के मामले में इसके 'जादुई नतीजे' होंगे।
किरुबाकरन ने कहा कि पारंपरिक कानून इतने कठोर नहीं है कि उनसे वांछित नतीजे पाए जाएं। बधिया करने का सुझाव बर्बर लग सकता है, लेकिन बर्बर अपराधों के लिए सजाओं का बर्बर पैमाना होना चाहिए।
किरुबाकरन ने कहा कि कई इससे सहमत नहीं होंगे, लेकिन सभी को समाज की कठोर वास्तविकता को समझने और सजा के सुझाव की सराहना करने की आवश्यकता है।