कोयला घोटाले का सच सामने लाने की मांग को लेकर बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों के हंगामे के कारण आज लोकसभा में कोई कामकाज नहीं हो सका।
सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही बसपा सदस्यों ने कोयला घोटाले का सच सामने लाने की मांग करते हुए हंगामा किया शुरू कर दिया।
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने भी संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहले 11.30 बजे और फिर दोपहर 12.00 बजे तक के लिए स्थगित करनी पडी।
सदन की कार्यवाही 12 बजे शुरू होने पर बसपा सदस्य एक बार फिर अध्यक्ष के आसन के सामने आकर कोयला घोटाले का सच सामने लाओ-के नारे लगाने लगे।
शोरशराबे के बीच ही पीठासीन सभापति पी सी चाको ने जरूरी दस्तावेज सदन पटल पर रखवाए। चाको ने सदस्यों से आग्रह किया कि शून्यकाल उनका समय होता है इसलिए वे इसकी कार्यवाही चलने दें।
सदस्यों पर इसका कोई असर नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही 2.00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले आज सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही अध्यक्ष मीरा कुमार ने 11 वर्ष पूर्व आज के ही दिन संसद पर हुए हमले का उल्लेख किया। सदस्यों ने कुछ क्षण मौन रखकर इस हमले में शहीद सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
इसके तुरंत बाद अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की भाजपा के शाहनवाज हुसैन तथा कुछ अन्य सदस्य संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देने की मांग करते हुए अपनी सीटों के पास खड़े हो गए।
इसी दौरान बसपा सदस्य कोयला घोटाले का सच सामने लाने की मांग के समर्थन में नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के नजदीक जमा हो गए।
इसके बाद भाजपा के कुछ सदस्य भी 'संसद के हमलावर को फांसी दो' के नारे लगाते हुए अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में बसपा के मुख्य प्रतिद्वंद्वी दल समाजवादी पार्टी के सदस्य बसपा सदस्यों को सदन से बाहर करने के नारे लगाते हुए आसन के पास आ गए।
अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने की अपील की लेकिन सदस्यों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
इससे नाराज कुमार ने कहा कि संसद पर हमले को रोकने वाले लोग इस दिन के लिए शहीद नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि वह सदन स्थगित नहीं करेंगी।
हंगामे के बीच ही अध्यक्ष ने सदस्यों से आज के लिए निर्धारित सवालों पर पूरक प्रश्न करने को कहा। तीन-चार सदस्यों ने प्रश्न पूछे और संबंधित मंत्रियों ने जवाब भी दिए। लेकिन शोरशराबे में कुछ सुनाई नहीं दिया।
करीब पंद्रह मिनट के बाद कुमार ने कार्यवाही साढे 11.30 तक के लिए स्थगित कर दी। स्थगन के बाद कार्यवाही पुन: शुरू होते ही सदन में फिर वही नजारा दिखाई दिया। बसपा, भाजपा और सपा के सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए फिर अध्यक्ष के आसन के पास आ गए।
मीरा कुमार ने प्रश्नकाल आगे बढ़ाने की भरसक कोशिश की लेकिन हंगामा नहीं कने पर उन्होंने कार्यवाही स्थगित कर दी।