नेपाल समेत समूचा उत्तर भारत भूकंप के झटकों से सहम गया। अमेरिकी भूविज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र नेपाल के लामजुंग में है और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.5 रही। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि बिहार में भूकंप की तीर्वता सर्वाधिक 6 रही। दिल्ली में भूकंप की तीव्रता 5 थी।
शनिवार के भूकंप को उत्तर भारत में आए सबसे ताकतवर भूकंपों में माना जा रहा है।
रिक्टर स्केल पर पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप खतरनाक माना जाता है। इससे पहले पिछले साल 21 मार्च को अंदमान व निकोबार द्वीप समूह में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया था। हालाकि उस भूकंप में किसी की जान नहीं गई थी।
ये रहे अब तक आए भूकंप
2012 में 25 अप्रैल में अंदमान में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था। 18 सितंबर, 2011 को सिक्किम में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 118 व्यक्तियों की जान गई थी।
10 अगस्त, 2009 में अंदमान में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में 26 लोगों की जान गई थी। 2005 में कश्मीर में भूकंप ने भयानक तबाही मचाई थी। पाकिस्तान समेत कश्मीर में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था। उस भूकंप में दोनों मुल्कों में 130,000 लोगों की मौत हो गई थी।
26 दिसंबर, 2004 में इंडोनेशिया में आए एक भूकंप ने भारत में भयानक तबाही मचाई थी। उस भूकंप के बाद आई सुनामी में भारत, श्रीलंका, मालदीव और इंडोनेशिया समेत हिंद महसागर में बसे कई मुल्कों में भारी नुकसान हुआ था। कुल 283,106 लोग मारे गए थे।
26 जनवरी, 2001 को गुजरात के भुज में आए भूकंप में 20,000 लोगों की मौत हुई थी।