शिमला जिले के ननखड़ी क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए ने फिर एक बच्चे को अपना शिकार बनाया है। क्षेत्र की ग्राम पंचायत जाहू के भागटी गांव में सोमवार शाम करीब आठ बजे घर से ही एक सात साल की बच्ची को तेंदुआ उठा ले गया।
बच्ची रसोई के दरवाजे पर खड़ी थी। शोर मचाने पर हालांकि तेंदुआ बच्ची को करीब 200 मीटर दूर छोड़ गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
वन विभाग ने टीम की गठित
इससे पहले 12 फरवरी को भी क्षेत्र के बड़ावास गांव में तेंदुआ एक बच्चे को घर से उठाकर ले गया था। कुछ दिनों बाद जंगल में बच्चे के शरीर के कुछ अंग मिले थे। अब एक और मासूम की मौत के बाद वन विभाग ने आदमखोर तेंदुए का मारने के लिए टीमें गठित की हैं।
जानकारी के अनुसार ननखड़ी क्षेत्र की जाहू पंचायत के भागटी गांव में डिपिसी राम की सात साल की बच्ची सृष्टि सोमवार शाम करीब आठ बजे रसोई घर के दरवाजे पर खड़ी थी। रसोई में परिवार के और लोग भी थे।
एक लाख रुपए की मदद
इसी बीच, तेंदुए ने बच्ची पर हमला बोल दिया और उसे उठाकर ले गया। बच्ची के परिजनों और आसपास के लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ करीब दो सौ मीटर दूर उसे छोड़ गया लेकिन तब तक लहूलुहान हो चुकी बच्ची की मौत हो चुकी थी।
डीएसपी रामपुर सोम दत्त ने बताया कि पुलिस ने बच्ची का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
इधर, डीएफओ रामपुर अमित शर्मा ने बताया कि वन विभाग की ओर से फौरी राहत के रूप में 25 हजार रुपये की राशि जारी कर दी है, जबकि 75 हजार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तेंदुए को मारने के लिए चार टीमें गठित कर दी हैं।