लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों की अंदरूनी सियासत गरमा गई है। एक पार्टी नहीं लगभग सभी पार्टियों में भगदड़ की स्थिति बनी हुई है।
सपा और बसपा में लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार काफी पहले घोषित करने के चलते हड़कंप मचा हुआ है। दूसरी पार्टियों में भी कमोबेश यही स्थिति है।
हमीरपुर से सांसद विजय बहादुर सिंह ने मोदी का गुणगान शुरू कर दिया है। पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया है।
रालोद के दो सांसदों के सपा में जाने से पार्टी के सांसदों की संख्या सिर्फ तीन रह गई है। सुल्तानपुर से कांग्रेस सांसद संजय सिंह के लंबे समय से असंतुष्ट होने की चर्चा है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के समय वह टिकट बंटवारे की प्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं।
रालोद ने शुक्रवार को हाथरस से लोकसभा सांसद सारिका सिंह और अमरोहा के सांसद देवेंद्र नागपाल को निलंबित कर दिया। सारिका सिंह सपा में शामिल हो गई हैं। वह आगरा से सपा की उम्मीदवार हैं। नागपाल भी सपा का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
बिजनौर से पार्टी के सांसद संजय चौहान के भी रालोद छोड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। वैसे उन्होंने इस बात से इंकार किया है। उधर, बसपा से निष्कासित सांसद विजय बहादुर सिंह के भाजपा में शामिल होने की चर्चा है। खुद सिंह इस बारे में कुछ कहने से इंकार कर रहे हैं।
नरेंद्र मोदी द्वारा उनको फोन कर खुद का समर्थन करने पर धन्यवाद देने की बात पर वह कुछ कहना नहीं चाहते। वैसे सपा दावा कर रही है कि उनकी पार्टी के सब लोग उसके साथ है।
सपा महासचिव नरेश अग्रवाल का दावा है कि आने वाले दिनों में बसपा में और भगदड़ होगी। उनके सांसद पार्टी की कार्यप्रणाली से घुटन महसूस कर रहे हैं।