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चूड़ी उद्योग में भी भारत को चुनौती देने उतरा चीन

Mon, 22 Jul 2013 12:12 AM IST
फीरोजाबाद/दीपक जैन
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चूड़ियों के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाली सुहाग नगरी फीरोजाबाद के कांच उद्योग के सामने भी चीन ने चुनौती खड़ी कर दी है।
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उत्तर प्रदेश के फीरोजाबाद शहर में पिछले तीन साल से यहां केवल चाइनीज कांच के कडे़ ही आ रहे थे, लेकिन अब चूड़ियों पर लगने वाले ज्यादातर नग भी चीन से आ रहे हैं।

हालांकि स्थानीय बाजार पर अभी चाइनीज सामानों का ज्यादा असर नहीं पड़ा है, लेकिन आने वाले दिनों में कारोबार पर असर पड़ सकता है।

फीरोजाबाद शहर स्थित प्रमुख चूड़ी उत्पादक और सिंडीकेट के सदस्य पीके झिंदल कहते हैं कि चूड़ी उद्योग चीनी सामान, महंगाई समेत कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है।
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स्थानीय उद्यमियों के जरिए हर माह करीब एक करोड़ रुपये का चाइनीज सामान (कांच के कडे़) शहर में आ रहा है। इस समय 15 से अधिक स्थानीय दुकानदारों के पास चाइनीज सामान हैं, हालांकि भारतीय कड़े के मुकाबले ये कड़े उम्दा नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद सस्ते होने के कारण खरीददार दुकानों पर काफी संख्या में पहुंचते हैं।

इस बीच, चूड़ी उद्योग के लिए अच्छी बात यह है कि सावन शुरू होने वाला है और ईद भी करीब है। चूड़ी कारोबारियों के अनुसार इस माह में चूड़ियों की मांग अन्य महीनों की तुलना में करीब 50 फीसदी अधिक हो जाती है। शहर के प्रमुख चूड़ी व्यापारी रामकुमार गुप्ता ने भी माना कि चीन के कांच के कडे़ स्थानीय बाजार में चुनौती दे रहे हैं।

उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों से चूड़ियों की मांग बढ़ने से चूड़ी बाजार गुलजार है। बांग्लादेश और नेपाल भी यहां से चूड़ियां भेजी जा रही हैं।

देश के विभिन्न हिस्सों से हरे रंग की चूड़ियों की मांग अधिक है तो वहीं नेपाल में सुर्ख लाल चूड़ियां ज्यादा भेजी जा रही हैं। वक्त के साथ चूड़ियों का लुक भी बदल रहा है।

पक्का मीना, पक्की हिल, जरी के साथ-साथ नग जड़ित चूड़ियां महिलाओं को अधिक लुभा रही हैं। बाजार में रक्षाबंधन के लिए स्पेशल सेट भी आए हैं।

खास नामों से बिकती हैं चूड़ियां
खास बात यह है कि सुहाग नगरी से जाने वाली चूड़ियों का अपना कोई ब्रांड नहीं है। जब भी नई फिल्म या नए टीवी सीरियल के नाम पर बाजार में चूड़ियां बिकने लगती हैं। कैटरीना के नाम से खूब चूड़ियां बिकीं।
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इस वक्त जवानी दीवानी, पुलिसगिरी, मिल्खा, चेन्नई एक्सप्रेस, खिलाड़ी-786, रैनवो, गजनी नाम से चूड़ियां बिक रही हैं। देवी-देवताओं के नाम पर भी चूड़ियों के नाम रखे गए हैं।

- फीरोजाबाद में छोटे-बडे़ चूड़ी के 125 कारखाने हैं।
- पांच लाख तोड़े प्रति दिन इन कारखानों में बनते हैं। एक तोड़े में 300 चूड़ियां होती हैं।
- चूड़ी कारोबार से लगभग चार लाख लोग जुड़े हैं।
- एक अरब से अधिक सालाना का है चूड़ी कारोबार।
- हर माह करीब एक करोड़ रुपये का माल चीन से आता है।
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