गोमांस खाने के मसले पर नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री आपस में ही भिड़ गए हैं। चंद दिनों पहले अल्पसंख्यक राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि जिन्हें गोमांस खाना है, वे पाकिस्तान चले जाएं।
नकवी के बयान पर नारजगी जताते हुए गृहराज्य मंत्री किरण रिजीजू ने कहा है कि भारत लोकतांत्रिक मुल्क है और कई बार ऐसे बयान दिए जाते हैं, जो स्वीकार्य नहीं होते।
नकवी के बयान को बहुत ही कठोर बताते हुए रिजीजू ने कहा, 'मैंने गोमांस खाया है, मैं अरूणाचल प्रदेश से हूं। क्या कोई मुझे रोक सकता है।' रिजीजू ने अपने सहयोगी मंत्री को नसीहत देने के लहजे में कहा कि किसी के खानपान मामलों में हमें भावुक होने की आवश्कता नहीं है। रिजीजू ने ये बातें मिजोरम की राजधानी आईजॉल में कही।
नकवी के बयान से रिजीजू हुए नाराज
मोदी सरकार के आदिवासी चेहरे के रूप में स्थापित हो चुके किरण रिजीजू ने कहा कि मिजोरम की राजधानी आईजॉल में कहा कि यदि एक मिजो ईसाई कहता है कि ये ईसा मसीह की धरती है, तो पंजाब या हरियाणा में किसी को दिक्कत क्यों होनी चाहिए? उन्होंने कहा कि हमें सभी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'यदि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश हिंदू बहुल राज्य हैं, तो वे ऐसे कानून बनाएं जो हिंदू मान्यताओं के अनूरूप हैं। उन्हें ऐसा करने दीजिए।
रिजीजू ने कहा कि हमारे राज्य में, हमारे इलाके में, जहां हम बहुमत में हैं, वहां जो हमारी मान्यताओं के अनुरूप है, वही कानून होगी और वही कदम उठाया जाएगा। ऐसे में उन्हें इस बात से कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए कि हम कैसे रहते हैं। हमें भी इस बात से दिक्कत नहीं होनी चाहिए कि वे कैसे रहते हैं।
जेटली भी हुए थे नकवी से नाराज
रिजीजू ने कहा कि हमारा मुल्क बहुजातीय, बहुधर्मी, और बहुसांप्रदायिक है। हमें एक दूसरे की मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए। मान्यताओं और विश्वास के मामले में कोई हम पर दबाव नहीं बना सकता।
उन्होंने कहा कि यदि कोई ऐसा बयान देता है, जो एक समुदाय की मान्यताओं को दूसरे समुदाय पर बलपूर्वक थोपने जैसा है, तो वह स्वीकार्य नहीं है।
उल्लेखनीय है कि मुख्तार अब्बास नकवी के बयान की आलोचना वित्तमंत्री अरुण जेटली ने भी की थी।
आदित्यनाथ ने किया रिजीजू पर पलटवार
किरण रिजीजू के बयान पर भजापा सांसद योगी आदित्यनाथ ने अपना विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि है कि गोमांस का मुद्दा जनभावना से जुड़ा हुआ है। इसलिए चाहे मंत्री हों या संतरी हों, सभी को जनभावना का सम्मान करना चाहिए।
रिजीजु के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोमांस का मुद्दा बहुसंख्यक की आस्था से जुड़ा हुआ है। भारत एक लोकतांत्रिक मुल्क है, यहां जनभावनाओं का सम्मान करना भी हमार कर्तव्य है। गोमांस के मुद्दे पर जनभावनाओं के विरुद्घ बयान नहीं देना चाहिए।
वहीं किरण रिजीजू ने कहा कि उनके बयन को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है।