दिल्ली की सियासत की कुर्सी हिलाने के बाद देश की राजनीति में बदलाव लाने की उम्मीद कर रही आम आदमी पार्टी और उसके सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल अब तक कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलने से बच रहे थे।
केजरीवाल का कहना था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से किसी से कोई दिक्कत नहीं है और उनकी लड़ाई भ्रष्ट राजनीति और जंग लगे सिस्टम से है, जिसमें तब्दीली लाने के लिए वह मैदान में उतरे हैं।
उन पर राजनीति का रंग चढ़ रहा है। राहुल-मोदी पर सीधा हमला तो नहीं बोला है, लेकिन एक करारे हमले को आगे बढ़ाकर साफ कर दिया है कि वह चुनावी सियासत में उसी के हथियार के साथ उतरे हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
केजरीवाल के लिए राहुल मूर्ख, मोदी हत्यारा हैं?
हालांकि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की यह कोशिश विवाद भी खड़ा कर सकती है। दरअसल, म्यूजिक डायरेक्टर विशाल डडलानी ने माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक विवादित ट्वीट पोस्ट किया, जिसे रिट्वीट कर केजरीवाल ने अपनी मुहर लगाई।
इस ट्वीट पोस्ट में डडलानी ने कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को 'बेवकूफ' और नरेंद्र मोदी को 'हत्यारा' करार दिया है। पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन इशारा साफ समझ आता है।
आम आदमी पार्टी सुप्रीमो ने बीती रात डडलानी की पोस्ट रिट्वीट की, जिसमें लिखा है, "एक बेवकूफ और एक हत्यारे के बीच फंस गए हैं हम...अब हिंदुस्तान क्या कदम उठाएगा?"
राहुल के इंटरव्यू के बाद हुआ बवाल
राहुल गांधी ने बीती रात एक टीवी चैनल को दस साल के अंतराल के बाद इंटरव्यू दिया और इसके बाद ही म्यूजिक डायरेक्टर ने यह ट्वीट किया। डडलानी केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी के समर्थक माने जाते हैं।
इस बीच भाजपा नेता निर्मला सीतारामण ने इस ट्वीट की आलोचना की और केजरीवाल को चेताया कि वह इस तरह के विवादित ट्वीट का अनुमोदन कतई न करें, क्योंकि यह सही नहीं है।
बीते एक महीने के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री कई विवादों में फंसे हैं। इनमें सोमनाथ भारती एपिसोड, दिल्ली पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और आम आदमी पार्टी के विधायक विनोद कुमार बिन्नी को बर्खास्त करना शामिल है।
सोमनाथ भारती का ट्वीट भी आया, फिर डिलीट
कई मुश्किलों में फंस चुके दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती एक बार फिर विवादों में फंसते दिखे। उन्होंने सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की आलोचना करते हुए एक ट्वीट किया।
भारती ने इसमें लिखा, "अगर आम आदमी पार्टी की हरकतें अराजकता है, तो माननीय राष्ट्रपति साल 1984 और साल 2002 में दंगों के बारे में क्या कहना चाहेंगे? क्या वो विरोध था? अच्छा मजाक है राष्ट्रपति जी!"
हालांकि, यह ट्वीट इसके तुरंत बाद डिलीट कर दिया गया। इसमें दिल्ली में हुए सिख दंगों के लिए कांग्रेस पर हमला बोला गया था, जबकि गुजरात में हुए दंगों के लिए भाजपा पर निशाना साधा गया था।
लेकिन पलट गए दिल्ली के कानून मंत्री
लेकिन आम आदमी पार्टी को अहसास हो गया कि इससे बवाल हो सकता है। यह मामला तूल न पकड़े, इसलिए सोमनाथ भारती के ऑफिस ने सफाई देते हुए कहा कि यह ट्वीट उन्होंने नहीं, बल्कि किसी और ने लिखा था।
मंत्री के प्रवक्ता ने कहा, "जब हमें पता लगा कि ऐसा कुछ लिखकर पोस्ट कर दिया गया है, तो हमने इसे तुरंत डिलीट कर दिया और पासवर्ड भी बदल दिया गया...नया पासवर्ड केवल सोमनाथ भारती जानते हैं।"
सोमनाथ भारती का भी कहना है कि उन्हें इस ट्वीट की कोई जानकारी नहीं है। इससे पहले सोमनाथ खिड़की एक्सटेंशन में कथित सेक्स रैकेट पर छापा मारने को लेकर विवाद में फंस चुके हैं।
शेखर कपूर ने की थी शुरुआत
एक्टर-डायरेक्टर शेखर कपूर ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की इस टिप्पणी पर हमला बोला था, जिसमें उन्होंने कहा था कि शोहरत बटोरने के लिए अराजकता को सही नहीं ठहराया जा सकता। उनका निशाना अरविंद केजरीवाल की तरफ था।
कपूर ने केजरीवाल का बचाव करते हुए 1984 में दिल्ली में हुए सिख विरोधी दंगों को अराजकता करार दिया था, जिसमें कांग्रेस के कई नेताओं पर शामिल होने के इल्जाम लग चुके हैं।
उन्होंने ट्वीट किया, "प्रिय राष्ट्रपति जीत। विरोध प्रदर्शन और अराजकता एक बात नहीं होती। अराजकता 1984 में थी, जब भीड़ ने सिखों का कत्लेआम मचाया था। जिसे सरकार और पुलिस से समर्थन मिला।" इस पोस्ट को भी केजरीवाल ने रिट्वीट किया था।