भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन तोड़ने के लिए अरविंद केजरीवाल की सत्ता की ललक को जिम्मेदार ठहराते हुए अन्ना हजारे ने गुरुवार को कहा कि वह आम आदमी पार्टी को वोट नहीं देंगे।
हजारे ने आरोप लगाया कि यह पार्टी सत्ता के जरिये धन और धन के जरिये सत्ता के रास्ते पर जा रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पूर्व साथी केजरीवाल सत्ता के लालची हैं, हजारे ने कहा कि यह सही है।
उन्होंने कहा कि मैंने सोचा था कि मैं आम आदमी पार्टी के लिए मतदान करूंगा, लेकिन अब मेरे लिए ऐसा करना मुश्किल है क्योंकि यह देखा जा रहा है कि यह सत्ता के जरिये धन और धन के जरिये सत्ता के रास्ते में बढ़ रही है। मैं कहीं भी उसके आस पास नहीं हूं।
वह इस सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि क्या वह केजरीवाल द्वारा हजारे से अलग होने के बाद बनाई पार्टी आप को वोट देंगे। हजारे ने इससे पहले कहा कि जो भी पार्टी ईमानदार प्रत्याशियों को खड़ा करेगी, वह उसे समर्थन देंगे और अगर केजरीवाल केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं तो वह उनके लिए चुनाव प्रचार करेंगे।