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पूर्वांचल में अरविंद केजरीवालः गड़बड़ न हो जाए दिग्गजों का गणित

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पूर्वांचल के चुनावी मैदान में पहली बार दस्तक दे रही आम आदमी पार्टी ने ज्यादातर सीटों पर नए उम्मीदवार उतारे हैं।
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पार्टी ने अब तक जिन नौ सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है, उनमें डा. केपी यादव, बृजभूषण दूबे और कर्नल भरत सिंह को छोड़कर बाकी सभी राजनीतिक मंच पर बिलकुल नए हैं।

उनको क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी, लेकिन आप की तरफ से अरविंद केजरीवाल के वाराणसी से नरेंद्र मोदी के मुकाबले खड़े होने की घोषणा ने अचानक पार्टी को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। लिहाजा इन प्रत्याशियों का काम आसान हो गया है।
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जौनपुर में डा. केपी यादव को ‌टिकट

आप ने जौनपुर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में लगभग एक साल तक लोगों के बीच चुनाव प्रचार कर रहे डा. केपी यादव को प्रत्याशी बनाया है। डा. यादव प्रदेश के गो सेवा आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं।

पहले वह सपा प्रत्याशी के रूप में जौनपुर के ही मल्हनी विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए प्रयास कर रहे थे लेकिन ऐन मौके पर सपा ने उनको टिकट नहीं दिया। फिर लोकसभा का टिकट देकर वापस ले लिया।

वह बगावत कर आप में शामिल हो गए। उनके मैदान में होने से सपा प्रत्याशी और सूबे के कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव की लड़ाई कठिन जरूर हो गई है।

गाजीपुर में ब‍ृजभूषण दूबे पर दांव

आप ने गाजीपुर सीट से बृजभूषण दूबे को टिकट दिया है। भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा से लंबे अरसे तक जुड़े रहे दूबे अपने लड़ाकू तेवर के कारण जाने जाते हैं।

इसी तेवर के चलते वर्ष 2000 में उन्हें तत्कालीन जिलाधिकारी राजन शुक्ल का कोपभाजन बनना पड़ा था और उन पर गुंडा एक्ट लगाया गया।

वर्ष 2005 में भाजपा से उन्होंने नाता तोड़ लिया, लेकिन जन समस्याओं के लिए लगातार लड़ते रहे।

बलिया से खड़े हैं कर्नल भरत सिंह

बलिया से आप टिकट पर लड़ रहे कर्नल भरत सिंह कभी जनता दल की राजनीति करते थे। अन्ना हजारे के अनशन के दौरान वह जनलोकपाल के आंदोलन से जुड़ गए।

इन तीन प्रत्याशियों के अलावा शेष छह सीटों पर पार्टी ने एकदम नए उम्मीदवार खड़े किए हैं। पार्टी ने घोसी, मिर्जापुर से प्रत्याशी का ऐलान अभी नहीं किया है। वाराणसी की सीट पर अरविंद केजरीवाल के लड़ने की घोषणा मंगलवार को ही की।

आजमगढ़ से अधिवक्ता राजेश यादव को टिकट दिया गया है जबकि चंदौली से डा. इशासुद्दीन को प्रत्याशी बनाया गया है।

अपोलो के ‌डॉक्टर को दिया टिकट

डा. इशासुद्दीन दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चिकित्सक रहे हैं और अब उससे अलग होकर दिल्ली में ही निजी प्रैक्टिस करते हैं। उनका मूल निवास मुगलसराय है लेकिन जिले के सामाजिक औरे में उनकी पहचान ज्यादा नहीं है।

मछलीशहर सुरक्षित सीट से पार्टी ने फल का ठेला लगाने वाले युवा कार्यकर्ता वीरेंद्र सोनकर और लालगंज सुरक्षित से डा. जियालाल राम को प्रत्याशी बनाया है।

डा. राम समुद्र वैज्ञानिक हैं और राजीव गांधी फाउंडेशन सहित कई तरह के सम्मान से नवाजे जा चुके हैं।
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भदोही से वारिस अहमद को टिकट

भदोही से व्यवसायी वारिस अहमद खान को पार्टी ने टिकट दिया है। वह अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े रहे हैं। राबर्ट्सगंज सुरक्षित सीट पर राम ध्यान भारती को उतारा है। वह पेशे से इंजीनियर हैं।

पार्टी के पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह को बनारस से लड़ाने की तैयारी थी लेकिन नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद इस सीट पर पार्टी अरविंद केजरीवाल को लड़ाने वाली है।

संजीव का कहना है कि अरविंद के बनारस से चुनाव लड़ने से केवल तीन मंडलों की सीटों पर ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल में पार्टी लड़ाई में आ गई है। सभी प्रत्याशी स्वच्छ छवि वाले हैं और जैसे-जैसे मतदान की तिथि करीब आएगी, उनका प्रभाव बढ़ने लगेगा।

संजीव के दावे की हकीकत तो पूर्वांचल के मतदाताओं के रुख पर निर्भर है लेकिन इतना तो तय लग रहा है कि कई सीटों पर आप के प्रत्याशी दिग्गज नेताओं के च़ुनावी गणित को बिगाड़ तो सकते ही हैं।


आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी
सीट              प्रत्याशी
वाराणसी         अरविंद केजरीवाल
जौनपुरडा.        केपी सिंह
मछलीशहर       वीरेंद्र सोनकर
गाजीपुर         बृजभूषण दूबे
चंदौली          डा. इशासुद्दीन
भदोहीवारिस      इकबाल खान
लालगंज         डा. जियालाल राम
आजमगढ़        राजेश यादव
बलिया          कर्नल भरत सिंह
राबर्ट्सगंज       राम ध्यान भारती
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