बिजली और पानी के बढ़े बिल को लेकर सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) के अरविंद केजरीवाल का उपवास रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
बिजली के मुद्दे पर दिल्लीवासियों से मिल रहे समर्थन से खासे उत्साहित अरविंद ने बताया कि सविनय अवज्ञा आंदोलन के पहले दिन दिल्ली के 36,743 लोगों ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को चुनौती दी कि वे भ्रष्टाचार के कारण बढ़े बिजली-पानी के बिल नहीं देंगे।
ये सभी लोग आम आदमी पार्टी का सविनय अवज्ञा आन्दोलन में शामिल हो गए हैं। उन्होंने लिख कर दिया है कि वे और बिल नही भरेंगे।
अरविंद का कहना है कि इस आंदोलन के दौरान आप के कार्यकर्ता दिल्ली में घर-घर जाएंगे और बिजली-पानी के बढे़ दामों की असलियत बताएंगे।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘लोग मुझ पर आरोप लगा रहे है कि मै लोगों को बिल जमा करने के लिए मना करके जुर्माने भरने का हकदार बना रहा हूं। मैं लोगों को सिर्फ जगाने की कोशिश कर रहा हूं, जो बिल उनके यहां आ रहा है वह ज्यादा है। उपभोक्ताओं की जिंदगी बिजली पानी के दामों में बढ़ोत्तरी से मुश्किल हो गई है।’
आप के समर्थन में पावर इंजीनियर्स फेडरेशन
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने आम आदमी पार्टी के आंदोलन को समर्थन दिया। फेडरेशन से 80 हजार से ज्यादा इंजीनियर्स जुड़े हैं।
फेडरेशन के महासचिव शैलेंद्र दूबे ने आप को समर्थन देने की घोषणा करने के साथ कहा कि निजी बिजली वितरण कंपनी बनाना असंवैधानिक है।
दिल्ली में काम कर रही कंपनी खूब लाभ कमा रही है। गलत डाटा पेश करके बिजली के दामों को बढ़ाने का दबाव बना रही है। यह सबकुछ उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ा घोटाला हुआ है। उस भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए आप एक उम्मीद की तरह है।