केंद्रीय गृह मंत्रालय कथित हिजबुल आतंकी सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी पर छिड़े विवाद की गुत्थी सुलझाने के लिए इस मामले की जांच पर विचार कर रहा है।
इसे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के दबाव का असर माना जा रहा है। शाह की गिरफ्तारी के बाद से दिल्ली तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इससे लियाकत मामले की गुत्थी काफी उलझ गई है।
विवाद को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय दोनों पक्षों के दावों और आपत्तियों की समीक्षा कर चुका है। मंत्रालय अब इस मामले की जांच पर विचार कर रहा है।
केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने रविवार को दोनों पक्षों के दावों की समीक्षा के बाद जांच पर फैसला लेने की बात कही।
इस बीच, माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच की विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी है।
वैसे इस मुद्दे पर विवाद लियाकत की गिरफ्तारी के साथ ही शुरू हो गया था। इस मामले में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से बातचीत कर अपना विरोध जताया था।
उन्होंने शिंदे से इस मामले की जांच एनआईए से कराने की मांग की थी। उधर, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि वे सोमवार को दिल्ली लौटने के बाद इस मामले पर विचार करेंगे और तब इस मामले की जांच अथवा अन्य कदम के बारे में फैसला किया जाएगा।
हालांकि शिंदे ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अभी तक जांच के आदेश नहीं दिए गए हैं।
दूसरे संदिग्ध आतंकी का स्केच जारी
लियाकत की गिरफ्तारी पर छिड़े विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने रविवार को हिजबुल के एक अन्य संदिग्ध आतंकी का स्केच जारी किया।
कथित तौर पर यह आतंकी आत्मघाती हमले की साजिश में शामिल है। दिल्ली पुलिस के अनुसार यह आतंकी पुरानी दिल्ली के एक गेस्ट हाउस में लियाकत शाह के लिए एक एके-56 और गोला-बारूद छोड़ गया था।
पुलिस ने लियाकत से पूछताछ के बाद गेस्ट हाउस से हथियार और गोला-बारूद जब्त किया था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध आतंकी का स्केच सीसीटीवी फुटेज और गेस्ट हाउस के कर्मचारियों से मिली जानकारी के आधार पर तैयार कराया गया है।