26/11 के दोषी आतंकवादी अजमल कसाब की फांसी को बरकरार रखने वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सदस्य रहे जस्टिस आफताब आलम शुक्रवार को रिटायर हो गए।
अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस आलम कई अहम मामलों की सुनवाई से जुड़े रहे।
इनमें ताजा मामला कैंसर की दवाई के पेटेंट से संबंधित था, जिसमें उन्होंने स्विस कंपनी नोवारतिस एजी की याचिका को खारिज कर कैंसर दवा उत्पादन क्षेत्र में भारतीय कंपनियों के लिए रास्ता साफ किया।
उनके इस फैसले से देश के लाखों कैंसर मरीजों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
पूर्व चीफ जस्टिस एसएच कपाड़िया की रिटायरमेंट के बाद बेंच की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने एक ही दिन पहले ओडिशा और कर्नाटक में खनन मुद्दे पर फैसला सुनाया।
65 वर्षीय जस्टिस आलम सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रही पीठ के भी सदस्य रहे थे। हालांकि गुजरात दंगों से जुड़े मामलों से निपटते हुए उनका नाम विवादों से भी जुड़ा।