वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर बीजेपी से जुड़ गए हैं। बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में उनके बीजेपी में शामिल होने का एलान किया।
सूत्रों के मुताबिक उनको बीजेपी का प्रवक्ता बनाया जाएगा। हालांकि वे कहीं से चुनाव लड़ेंगे या नहीं इस पर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है।
पहले रह चुके हैं कांग्रेस में
1989 में पत्रकारिता छोड़ एमजे ने बिहार के किशनगंज से चुनाव लड़ा और जीते भी लेकिन 1991 में हुए चुनावों में उनको हार का सामना करना पड़ा।
एमजे, भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस दोनों के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। राजीव ही उनको राजनीति में लेकर आए थे।
चुनाव में हारने के बाद उन्होंने राजनीति छोड़ दी और दोबारा से पत्रकारिता की तरफ लौट आए।
लंबा रहा है पत्रकारिता का इतिहास
पत्रकारिता में भी एमजे अकबर ने लंबी पारी खेली है। वे टीवी में आईबीएन सेवेन और आज तक से जुड़े रहे हैं तो प्रिंट का भी लंबा अनुभव उनके पास है।
हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता में उनका बड़ा योगदान रहा है। वे लेखक भी हैं और उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं।
उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया, फ्री प्रेस जरनल, आनंद बाजार पत्रिका, द टेलीग्राफ समेत कई अखबारों और पत्रिकाओं के लिए काम किया है।
बीजेपी का बढ़ता कुनबा
आजकल बीजेपी के पाले में कई ऐसे नेता आ रहे हैं जो पहले दूसरी पार्टियों में थे। एक दिन पहले ही उत्तराखंड के कद्दावर कांग्रेस नेता सतपाल महाराज भी बीजेपी के पाले में आ गए।
हाल ही में बीजेपी से जुड़ने वालों में रामकृपाल यादव, जगदंबिका पाल और राजू श्रीवास्तव के नाम प्रमुखता से लिए जा सकते हैं।
इनसे पहले जनरल वीके सिंह, किरण बेदी, एमपी से कांग्रेस प्रत्याशी भागीरथ प्रसाद, हरियाणा से राव इंद्रजीत सिंह आदि भी बीजेपी का दामन थाम चुके हैं।