टीवी पत्रकार अक्षय सिंह की मौत के मामले में इंडिया टुडे ग्रुप ने एक बयान जारी कर उनके विसरा की जांच किसी मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक प्रयोगशाला में करवाने की माँग की है, इसमें ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) का विकल्प दिया गया है।
अक्षय का आज दिल्ली में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अक्षय व्यापमं घोटाला कवर करने के लिए मध्य प्रदेश के झाबुआ गए हुए थे जहां कल अचानक उनकी मौत हो गई थी।
वे टीवी चैनल आज तक में विशेष जाँच टीम में संवाददाता थे। इंडिया टुडे ग्रुप की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "टीवी टुडे के पत्रकार पत्रकार अक्षय सिंह की जिन हालात में असमय मौत हुई है, उसकी पूरी, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
बीईए ने भी कीं जांच की मांग
हम मध्य प्रदेश सरकार से गुजारिश करते हैं कि विसरा की पारदर्शी
जांच के लिए उसे प्रदेश से बाहर की किसी मान्यता प्राप्त फोरेंसिक
लैबोरेटरी भेजा जाए। अच्छा हो कि इसे दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ
मेडिकल साइंसेज़ (एम्स) भेजा जाए।"
टीवी चैनलों के संपादकों की
संस्था बीईए ने अक्षय की मौत की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में किसी
स्वतंत्र संस्था से कराने की मांग की है। अक्षय की अचानक हुई मौत को लेकर
कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार पर
निशाना साधा है।
निगम बोधघाट पर हुए अक्षय के अंतिम संस्कार के वक्त
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता अजय माकन, दिल्ली के
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कई नेता
और पत्रकार मौजूद थे।
हर मामले की होगी जांच- शिवराज
उधर, मध्य प्रदेश सरकार ने कहा है कि वो व्यापमं
मामले पर हाई कोर्ट की बनाई एसआईटी से सिफारिश करेगी कि वो इंडिया टुडे
ग्रुप के पत्रकार अक्षय सिंह की मौत की जांच करे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि व्यापमं से जुड़े हर मामले की जांच होगी।
उन्होंने
ये भी कहा कि हाई कोर्ट सीबीआई समेत किसी भी एजेंसी से जांच कराए, सरकार
को कोई आपत्ति नहीं होगी। व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) मध्य प्रदेश
में प्री-मेडिकल, प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट के साथ-साथ कई सरकारी नौकरियों के
लिए परीक्षा कराता है।
आरोप है कि इन परीक्षाओं में कई सालों तक कथित तौर पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ।हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस चंद्रभूषण की अध्यक्षता में एसआईटी (विशेष जांच टीम) व्यापमं घोटाले की जांच कर रही है। जस्टिस चंद्रभूषण ने इस मामले से जुड़े 30 से ज़्यादा लोगों की एक के बाद एक मौत होने की जानकारी दी है।